- सडक़ सुधार में उज्जैन ने बनाया रिकॉर्ड

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
महाकाल की नगरी उज्जैन ने अब सडक़ों की सूरत बदलने में भी नया कीर्तिमान रच दिया है। यदि आप सोचते हैं कि सरकारी विभागों में शिकायतों की फाइलें महीनों धूल खाती रहती हैं, तो उज्जैन के लोक निर्माण विभाग का यह कारनामा आपकी सोच बदल देगा। सडक़ों के गड्ढों और खराब रास्तों की ऑनलाइन शिकायतों के निपटारे में उज्जैन जिला पूरे मध्य प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर अव्वल रहा है।
एप पर फोटो अपलोड कर विभाग तक पहुंच रही शिकायत
उज्जैन लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री अजय यादव ने बताया कि एप पर दर्ज शिकायतों को बिना किसी देरी के सीधे मैदानी इंजीनियरों तक पहुंचाकर समय सीमा से पहले निराकरण कराने की सीधी जवाबदेही तय की गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि आपको अपने आसपास या शहर में कोई भी खराब सडक़ या गड्ढा दिखाई दे, तो गूगल प्ले स्टोर से लोकपथ एप डाउनलोड कर लाइव फोटो अपलोड करके अपनी शिकायत सीधे विभाग तक पहुंचा सकते हैं।
जानिए कैसे काम करता है नया सिस्टम
विभाग ने शिकायतों के तत्काल समाधान के लिए एक पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था तैयार की है।
लाइव फोटो और लोकेशन: आम नागरिक किसी भी खस्ताहाल सडक़ या खतरनाक गड्ढे के पास पहुंचकर लोकपथ एप के जरिए उसकी लाइव फोटो खींचकर अपलोड कर सकते हैं।
इंजीनियर को सीधा अलर्ट: एप पर शिकायत दर्ज होते ही मुख्यालय से संबंधित क्षेत्र के इंजीनियर को मैसेज और लोकेशन पहुंच जाती है।
सात दिनों की सख्त डेडलाइन: संबंधित इंजीनियर को तय समयावधि (सामान्यत: 7 दिन) के भीतर गड्ढों का सुधार कार्य पूरा करना होता है।
डिजिटल सबूत देना अनिवार्य: सडक़ की मरम्मत के बाद अधिकारी को उसी स्थान की नई फोटो एप पर अपलोड करनी होती है। शिकायतकर्ता की संतुष्टि मिलने के बाद ही सिस्टम में शिकायत को बंद माना जाता है।
327 शिकायतें आई थीं
हाल ही में लागू की गई व्यवस्था के तहत पिछले पूरे माह में लोकपथ एप पर खराब सडक़ों और गड्ढों की मरम्मत से जुड़ी कुल 327 शिकायतें आई थीं। उज्जैन लोक निर्माण विभाग की विशेष टीम ने इन सभी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया और ऑनलाइन ही शिकायतकर्ताओं से उनकी संतुष्टि का फीडबैक भी लिया।
