क्षेत्र प्रचारक ने शिव के आधा दर्जन.. गणों से ली कामकाज की क्लास

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भोपाल/प्रणव बजाज/बिच्छू डॉट कॉम। बीते कुछ समय से सत्ता व संगठन द्वारा लगातार मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा किए जाने के बाद अब प्रदेश के आधा दर्जन मंत्रियों को प्रदेश के संघ मुख्यालय समिधा में तलब कर उनसे उनके विभागों के बारे में पूरी कैफियत ली गई है। बुलाए गए मंत्रियों में खासतौर पर वे मंत्री शामिल थे, जो संघ के कामकाज से सीधा वास्ता रखने वाले विभागों से संबंधित हैं। दरअसल संघ द्वारा तमाम तरह के सेवा कार्यों के लिए कई तरह के प्रकल्पों का संचालन किया जाता है।
संघ चाहता है कि सरकार के समाजिक दायित्वों से जुड़े विभाग भी शोषित, वनवासी और वंचितो को आगे लाने के लिए तेजी से कदम उठाए और इसके लिए नवाचारों को लागू करें। यही वजह है कि संघ के मुख्यालय में सिर्फ इन्ही विभागों से संबंधित मंत्रियों को फिलहाल तलब किया गया था। इनमें वित्त और वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा, वन मंत्री विजय  शाह, खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार शामिल थे। इन सभी से उनके विभागों के कामकाज की जानकारी ली और पूछा कि वे अपने विभाग में क्या नवाचार कर रहे हैं। बैठक में संघ के क्षेत्र प्रचारक दीपक विस्पुते समेत संघ के अनुषांगिक संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी भी मौजूद थे। इसे समन्वय बैठक का नाम दिया गया है। मंत्रियों की बैठक से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री सुहाष भगत ने संघ कार्यालय समिधा पहुंचकर क्षेत्र प्रचारक दीपक विस्पुते से भेंट की। इसके बाद यहां मंत्रियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। खास बात यह है कि संघ की इस बैठक में सेवा भारती, संस्कार भारती, विद्याभारती, भारतीय मजदूर संघ समेत कुछ अन्य अनुषांगिक संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी भी मौजूद थे। हालांकि इसे संघ की समन्वय बैठक बताया जा रहा है। संघ के सूत्रों का कहना है कि इस तरह की बैठकें हर छह महीने में आयोजित की जाती है। सूत्रों की माने तो इस माह में अन्य मंत्रियों को भी संघ तलब कर उनसे उनके विभागों के कामकाज की जानकारी लेगा।
संघ प्रमुख ले सकते हैं सरकार का फीडबैक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत का 19 से 21 फरवरी तक मध्य प्रदेश के उज्जैन दौरे पर आने का कार्यक्रम है। इस दौरान उनके द्वारा प्रांत के प्रमुख संघ पदाधिकारियों के साथ सालभर के काम-काज की समीक्षा कर आगे का लक्ष्य तय किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस दौरान उनकी मौजूदगी में भाजपा सरकार के कामकाज की भी समीक्षा की जाएगी। संघ के क्षेत्रीय प्रचारक द्वारा ली गई इस बैठक को संघ प्रमुख की समीक्षा बैठक के पूर्व की तैयारी के तहत और विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
संघ प्रमुख के 3 दिन उज्जैन में रहने की तारीख तय होने के बाद अब तीन दिनी प्रांतीय बैठकों और उसके लिए बाकी कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं। इसमें किसा दिन कौन – कौन सी बैठकें होंगी और उनमें शामिल होने वाले पदाधिकारियों की सूची के साथ बैठक के विषय पर मंथन किया जा रहा है। बैठकों का आयोजन महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित माधव सेवा न्यास परिसर में होना संभावित है।
किस मंत्री से क्या ली गई जानकारी
बैठक में वन मंत्री विजय शाह से वन भूमि में आदिवासियों को दिए जाने वाले पट्टों और वनवासियों की सुविधा के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कामों की जानकारी ली गई। गौरतलब है कि संघ का अनुषांगिक संगठन/वनवासी कल्याण परिषद लंबे समय से इस वर्ग के बीच काम कर रहा है। वहीं जगदीश देवड़ा से आदिवासियों के लिए सरकार द्वारा लाई जा रही नई शराब पालिसी को लेकर जानकारी ली गई। संघ का शिक्षा पर खास फोकस रहता है। स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं बृजेन्द्र सिंह ने भी अपने विभाग की पॉलिसी समेत अन्य विषयों पर संघ नेताओं को बताया।
संगठन भी कर चुका है समीक्षा
पिछले माह पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने विभिन्न मोर्चा पदाधिकारियों और मंत्रियों के साथ बैठक की थी। इसमें संगठन की अपेक्षाएं बताई थीं। मंत्रियों से यह भी पूछा था कि आपकी संगठन से क्या अपेक्षा है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जन कल्याण के जो कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, उनका लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाने का के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस बैठक में शिवराज सरकार के मंत्रियों के कामकाज पर मंथन के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा भी मौजूद थे। उधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अब अपने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करने जा रहे हैं। इसके लिए उनके द्वारा हर मंत्री के साथ वन टू वन बैठक का कार्यक्रम बनाया गया है। फिलहाल पार्टी व सरकार के इन कदमों को दो साल बाद होने वाले विधानसभा के आम चुनावों व मंत्रिमंडल के पुर्नगठन से जोड़कर देखा जा रहा है।

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