
- भोपाल, इंदौर और उज्जैन में बनेंगे कंट्रोल स्टेशन
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था अब नई तकनीक से और मजबूत होने जा रही है। पुलिस को पहली बार 100 किलोमीटर तक उड़ान भरने में सक्षम तीन हाईटेक फिक्स्ड विंग ड्रोन मिले हैं। ये बियॉन्ड विजुअल लाइन ऑफ साइट तकनीक से लैस हैं, यानी इन्हें ऑपरेटर की आंखों की सीधी पहुंच से बाहर भी लंबी दूरी तक नियंत्रित किया जा सकता है।
इन ड्रोन के संचालन के लिए भोपाल, इंदौर और उज्जैन में अलग-अलग ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक स्टेशन से लगभग 100 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन संचालित किए जा सकेंगे। इससे किसी एक शहर में बैठा ऑपरेटर दूसरे जिले में भी ड्रोन के जरिए निगरानी कर सकेगा।
बड़े आयोजनों में रहेगी आसमान से नजर
करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये लागत वाले इन तीनों ड्रोन का उपयोग वीआईपी मूवमेंट, भीड़ प्रबंधन, रियल टाइम सर्विलांस, सर्च ऑपरेशन और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में किया जाएगा। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ मेले की सुरक्षा व्यवस्था में भी इनका महत्वपूर्ण उपयोग होगा। इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये दिन और रात दोनों समय लगातार छह घंटे तक उड़ान भर सकते हैं। उड़ान के दौरान हाई-रिजॉल्यूशन फोटो, वीडियो और अन्य डेटा सीधे कंट्रोल स्टेशन तक पहुंचाते हैं। तकनीकी रूप से ये इतने सक्षम हैं कि उड़ान के दौरान यदि कोई तार, पेड़ या अन्य बाधा सामने आती है तो बिना ऑपरेटर के हस्तक्षेप के स्वयं रास्ता बदल लेते हैं।
ड्रोन का उपयोग सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी, अपराधियों की तलाश, आपदा प्रबंधन और बड़े आयोजनों की सुरक्षा में भी किया जाएगा। भोपाल स्थित स्टेट कमांड सेंटर में इसका प्रमुख ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन तैयार किया जा रहा है। एसपी रेडियो अंकित शुक्ला के अनुसार, पुलिस को तीन अत्याधुनिक फिक्स्ड विंग ड्रोन प्राप्त हुए हैं और इनके संचालन के लिए तीनों शहरों में कंट्रोल स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं।
नेताओं पर भी रहेगी नजर
पुलिस मुख्यालय को मिली शिकायतों में सामने आया है कि प्रदेश में सबसे अधिक अवैध हूटर और बत्तियों का उपयोग कई जनप्रतिनिधि और प्रभावशाली लोग कर रहे हैं। पूर्व में भी अभियान चलाए गए, लेकिन कार्रवाई धीमी पड़ते ही कई वाहनों पर फिर से हूटर लग गए। इस बार पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई में किसी भी प्रकार का पक्षपात या दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी जिलों से अभियान की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
अवैध हूटर और बत्ती के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान
इधर, पुलिस मुख्यालय ने निजी वाहनों पर अवैध हूटर, लाल-पीली-नीली बत्ती, ब्लैक फिल्म और सरकारी स्टीकर के दुरुपयोग पर सख्ती शुरू कर दी है। 1 अगस्त से 10 अगस्त तक पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जांच में यदि कोई निजी वाहन अनधिकृत रूप से हूटर, बत्ती या सरकारी पहचान का उपयोग करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि उनके वाहनों पर इस प्रकार की सामग्री लगी है तो उसे तत्काल हटा दें, ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
