ग्वालियर का आईआईटीटीएम देश के 5 शहरों में तैयार करेगा कल्चरल एंबेसडर

आईआईटीटीएम
  • दो हजार युवाओं को करेंगे ट्रेंड

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। ये तो सिर्फ ग्वालियर के कुछ उदाहरण हैं। देश भर में विदेशी एवं देशी पर्यटकों के साथ इस तरह की ठगी एवं अभद्रता की घटनाएं होती हैं, जिन्हें रोकने ग्वालियर का भारतीय पर्यटन एवंयात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम) देशभर में 10 हजार कल्चरल एंबेसडर तैयार करेगा। जिसका प्रपोजल पर्यटन मंत्रालय को भेजा है। जहां से हरी झंडी मिलते ही पहले चरण में संस्थान के मुख्यालय ग्वालियर में दो हजार युवाओं को सिलेक्ट कर कल्चरल एंबेसडर बनाने की कवायद शुरू होगी। बता दें कि देश में इस समय पर्यटन स्थलों पर ट्रेंड गाइडों की कमी है, इस वजह से इंटरनेशनल दूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन ने केंद्र सरकार को सुझाव भेजा कि ऐसे संस्कृति दूत तैयार किए जाएं, जो पर्यटकों की सुविधा के साथ उनकी सुरक्षा का ध्यान रख सकें। पर्यटन मंत्रालय ने प्रोफेशनल ट्रेंड गाइड तैयार करने आईआईटीटीएम संस्थान से संपर्क कर प्रपोजल तैयार करने को कहा। आईआईटीटीएम ने प्रपोजल मंत्रालय को भेजा है, जहां से स्वीकृति आते ही इस महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
29 अप्रैल 2024: इटली की पर्यटक एलिजा आगरा से 1 ग्वालियर होते हुए खजुराहो जाते वक्त ट्रेन में राघव शर्मा नाम के युवक ने दोस्ती की। एलिजा के पास इंडियन करंसी नहीं थी। राघव ने कॉफी पिलाकर भरोसा जीता। खजुराहो पहुंचकर 100 यूरो को रुपए में बदलवाने के बहाने रकम लेकर भाग गया।
18 अप्रैल 2026: ग्वालियर किला घूमने आई विदेशी महिला के साथ एक स्थानीय युवक राधे गुर्जर ने इसलिए अशोभनीय टिप्पणी कर उसका वीडियो वायरल कर इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया, क्योंकि महिला हिंदी नहीं समझती थी। जिसके वायरल होने पर 2 हडक़ंप मचा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एफआईआर दर्ज की।
पुणे की अनुपमा नाम की लेडी ठग ने रोमिंग क्रेविंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से ग्वालियर के होटल शेल्टर में सेमिनार कर फॉरेन टूर का वादा कर 60 हजार वसूले। टूर बुक कराते ही फोन नंबर बंद हो गए।
कल्चरल एंबेसडर को मिलगी ये ट्रेनिंग
जिस गाड़ी में पर्यटकों को घुमाने निकलें, उसके ड्राइवर के साथ किस तरह का कोऑर्डिनेशन हो। गेस्ट को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन से रिसीव व ड्रॉप करने तक उनके साथ कैसा व्यवहार किया जाए। होटल में चेक इन व चेक आउट तक मदद तथा उनके साथ कहां कैसा व्यवहार किया जाना चाहिए। पर्यटकों को स्थानीय पर्यटन स्थलों के बारे में सरलता एवं स्पष्टता से कैसे जानकारी दी जाए।

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