सोयाबीन भावांतर में फर्जीवाड़े पर सरकार की नजर

सोयाबीन
  • 20 तक सत्यापन के दिए आदेश
    भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
    । खरीफ 26 की सोयाबीन के लिए भावांतर भुगतान योजना में फर्जीवाड़े और अपात्र किसानों के पंजीयन पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब हर पंजीकृत किसान का गहन सत्यापन किया जाएगा। सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वास्तविक और पात्र सोयाबीन उत्पादक किसानों को ही योजना का लाभ मिले और अपात्र पंजीयन को समय रहते चिन्हित कर निरस्त किया जाए। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मंत्रालय भोपाल के सचिव निशांत वरवड़े ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी किए हैं। आदेश में सत्यापन कार्य में किसी भी तरह की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सत्यापन के दौरान यदि कोई किसान अपात्र या त्रुटिपूर्ण पंजीयन वाला पाया जाना है तो उसे समय रहते चिन्हित कर पंजीयन निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी भावांतर का लाभ मिलने से पहले ही ऐसे मामलों को फिल्टर करने की व्यवस्था की जा रही है, जिनमें किसान की पात्रता या पंजीयन की जानकारी सही नहीं है। सरकार ने सिकमी किसानों के पंजीयन को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
    17 अक्टूबर तक पंजीयन
    भावांतर योजना के लिए किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक ई-उपार्जन पोर्टल पर किया जा रहा है। पंजीयन पूरा होने के बाद शासन ने सभी पंजीकृत किसानों के सत्यापन की समय-सीमा भी तय कर दी है। 20 अक्टूबर तक सभी पंजीकृत किसानों का सत्यापन हर हाल में पूरा कर लेने के निर्देश दिए गए हैं।

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