स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री पर सरकार सख्त, पटवारियों को समयसीमा

स्वामित्व योजना
  • गुरुवार से शनिवार तक करानी होगी रजिस्ट्री
  • अगले बुधवार तक काम शुरू नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई
    भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत पट्टाधारियों को नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने में आ रही अड़चन अब सरकार के लिए प्रशासनिक मुद्दा बन गई है। रजिस्ट्री प्रक्रिया में सहयोग नहीं करने वाले पटवारियों पर कार्रवाई की तैयारी है। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर योजना के क्रियान्वयन के लिए समयसीमा तय कर दी है। अब जिलों में हर सप्ताह गुरुवार से शनिवार तक रजिस्ट्री का काम कराया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में रजिस्ट्री की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ शुरू कराएं और इसकी निगरानी करें। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पात्र पट्टाधारियों को योजना का लाभ लेने में मैदानी स्तर पर किसी तरह की परेशानी न हो।
    राज्य शासन ने रजिस्ट्री के काम को लेकर स्पष्ट समयसीमा तय की है। संबंधित अधिकारियों को अगले बुधवार तक प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी रजिस्ट्री शुरू नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यानी अब सरकार ने योजना के क्रियान्वयन में देरी की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन के लिए राजस्व विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। प्रमुख सचिव राजस्व की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में समन्वय, क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी तय की गई है। रजिस्ट्री प्रक्रिया में समन्वय के लिए वाणिज्यिक कर विभाग को भी जिम्मेदारी दी गई है। स्थानीय स्तर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी सहयोग करेंगे। वहीं पटवारियों को मैदानी स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलों में योजना के संचालन की जिम्मेदारी कलेक्टरों की होगी। अपर कलेक्टर, नोडल अधिकारी और तहसीलदारों को संपदा ऐप के माध्यम से अधिकार अभिलेखों के आधार पर तैयार दस्तावेजों का पंजीयन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इस व्यवस्था के जरिए सरकार रजिस्ट्री प्रक्रिया को तय समय में पूरा कराने की कोशिश कर रही है।
    दस दिन बाद भी नहीं बनी सहमति
    स्वामित्व योजना को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच पिछले कुछ दिनों से खींचतान बनी हुई है। योजना की शुरुआत के बाद से पटवारियों की ओर से रजिस्ट्री प्रक्रिया में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसको लेकर राजस्व अधिकारियों और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं। बैठकों में समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन करीब दस दिन बाद भी रजिस्ट्री को लेकर पटवारियों की ओर से सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद शासन ने अब प्रशासनिक स्तर पर समयसीमा तय करते हुए जिम्मेदारी निर्धारित कर दी है। सरकार की नई व्यवस्था में एक ओर जहां कलेक्टरों को पूरे जिले की निगरानी सौंपी गई है, वहीं मैदानी अमले से लेकर पंजीयन प्रक्रिया तक अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। अब निगाह इस बात पर है कि तय समयसीमा में जिलों में रजिस्ट्री का काम शुरू हो पाता है या नहीं।

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