निवेशकों की सहायता के लिए बनेगा ईज आफ डूइंग बिजनेस सचिवालय

ईज आफ डूइंग बिजनेस सचिवालय
  • प्रोजेक्ट गाइडेंस से शिकायत निवारण तक मिलेगी मदद

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश में निवेशकों की सहायता करने, नियमों को लागू करवाने और प्रशासनिक व तकनीकी मदद के लिए ईज आफ डूइंग बिजनेस (ईओडीबी) सचिवालय बनाया जाएगा। यह नोडल एजेंसियों को अपनी सेवाएं देगा। साथ ही निवेशक सहायता केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एमपीआइडीसी) को राज्य की मुख्यि नोडल एजेंसी (एसएनए) बनाया गया है। यह ईओडीबी सचिवालय का संधारण करेगी, जो निवेशकों को प्रोजेक्ट गाइडेंस से लेकर शिकायत निवारण तक में सिंगल पाइंट हेल्प डेस्क की तरह मदद करेगा। हालांकि जरूरत पडऩे पर किसी विशेष औद्योगिक क्षेत्र के लिए किसी अन्य अथारिटी को भी यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
कम जोखिम वाले उद्योगों को तीन साल तक औचक जांच से छूट: निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम (एकल खिडक़ी प्रणाली) लागू किया जाएगा। उद्योगों को शुरू करने के लिए मिलने वाली सभी अनुमतियों और आवेदनों की प्रोसेसिंग इसी के माध्यम से की जाएगी। अधिसूचित क्षेत्रों में श्वेत और हरित श्रेणी के कम जोखिम वाले उद्योगों को स्व-घोषणा के आधार पर तुरंत स्थापना प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा, जो तीन साल के लिए वैध रहेगा। इस अवधि के दौरान इन उद्योगों को विभिन्न सरकारी विभागों के औचक निरीक्षणों से पूरी तरह छूट मिलेगी। हालांकि, जन-सुरक्षा, पर्यावरण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में औचक जांच की अनुमति रहेगी। राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश ईज आफ डूइंग बिजनेस नियम, 2026 लागू कर दिए हैं।
मुख्य सचिव की कमान में बनी हाई-पावर कमेटी
ईओडीबी नियम के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय राज्य निवेश संवर्धन समिति (एसआइएफसी) गठित की है। औद्योगिक नीति, वित्त, राजस्व, नगरीय विकास, ऊर्जा और श्रम सहित 11 विभागों के सचिवों को सदस्य बनाया गया है।

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