20 सरकारी विभागों पर 2250 करोड़ बकाया

सरकारी विभागों
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सबसे बड़ा बकायादार

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में बिजली बिल की वसूली को लेकर बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आम उपभोक्ता का 500 रुपए का बिल बकाया होने पर बिजली कंपनी कनेक्शन काटने पहुंच जाती है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के 20 से अधिक सरकारी विभागों पर करीब 2250 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया होने के बावजूद उनसे वसूली नहीं कर पा रही है। कंपनी इन विभागों को लगातार नोटिस भेज रही है, लेकिन भुगतान नहीं होने से बकाया राशि बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा 1230 करोड़ रुपए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर बकाया हैं। इसके अलावा नगरीय विकास एवं आवास विभाग पर 264 करोड़ और नर्मदा घाटी विकास विभाग पर 178 करोड़ रुपए की देनदारी है। सरकारी विभागों से वसूली नहीं होने के कारण बिजली कंपनी की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
एक दशक से बकाया, अधिकारी बदलते रहे
बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, गृह, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जल संसाधन सहित 20 से अधिक विभागों पर लंबे समय से बिजली बिल बकाया है। इनमें कई विभाग ऐसे हैं, जिनकी देनदारी एक दशक पुरानी है। कंपनी के अधिकारी संबंधित विभागों के चक्कर लगा चुक्के हैं, लेकिन भुगतान नहीं हो पाया। अधिकारियों का कहना है कि इस अवधि में कई विभाग प्रमुख बदल गए। वर्तमान अधिकारी पुरानी देनदारी की जानकारी नहीं होने का हवाला देते हैं। इस बीच बकाया राशि पर अधिभार जुडऩे से देनदारी और बढ़ती जा रही है। बताया जाता है कि बकाया राशि में सरकारी कार्यालयों के साथ अधिकारियों के सरकारी बंगलों के बिजली बिल भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला, फिर भी वसूली चुनौती…
बिजली कंपनी सरकारी विभागों से बकाया वसूली का मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने भी उठा चुकी है। करीब तीन महीने पहले ऊर्जा विभाग ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सरकारी विभागों पर बकाया राशि की जानकारी दी थी। मुख्यमंत्री ने बिजली कंपनियों को क्सूली के लिए नए सिरे से प्रयास करने और संबंधित विभागों को बिजली बिल जमा करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बकाया वसूली की समस्या बनी हुई है। आम उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाली कंपनी सरकारी विभागों के मामले में नोटिस और पत्राचार तक सीमित दिखाई दे रही है।
पंचायत विभाग पर सबसे ज्यादा 1230 करोड़ बकाया
बिजली कंपनी के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सबसे बड़ा बकायादार है। इसके 86,593 कनेक्शनों पर 1230 करोड रुपए बकाया हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के 41,424 कनेक्शनों पर 264 करोड़ और नर्मदा घाटी विकास विभाग के 664 कनेक्शनों पर 178 करोड़ रुपए की देनदारी है। प्रदेश के सरकारी विभागों का बिजली कंपनी पर करोड़ों रुपए रुपए का बिल बकाया है, जिसकी वसूली प्रक्रिया शुरू कर दी है। बड़े बकायादार वाले विभागों के प्रमुखों को भी नोटिस भेज गए हैं। मुख्यमंत्री ने भी विभागों को राशि चुकाने के निर्देश दिए हैं।

Related Articles