
- 2 मुहूर्त निकले, चार विस में 1 भी सम्मेलन नहीं
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की नई गाइडलाइन जारी होने के बाद अब जिले के मंत्री और विधायकों का मोहभंग होता नजर आ रहा है। वर्ष 2026 में अब तक दो प्रमुख विवाह मुहूर्त बसंत पंचमी और अक्षय तृतीया गुजर चुके हैं, लेकिन जिले की चारों विधानसभाओं में एक भी सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित नहीं हुआ। जबकि पिछले साल 2025 में इस योजना के तहत बड़े पैमाने पर विवाह सम्मेलन आयोजित हुए थे। जबेरा, पथरिया और दमोह विधानसभा क्षेत्रों में कुल 4 सम्मेलन हुए, जिनमें 4263 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे थे। हर जोड़े के लिए आयोजन समिति को 6 हजार रुपए दिए गए, जबकि वधुओं के खातों में 49 हज्जार रुपए की सहायता राशि ट्रांसफर की गई, मगर इस साल शासन द्वारा योजना में किए गए संशोधन के बाद अब केवल बीपीएल कार्डधारी जोड़ों को ही लाभ दिया जा रहा है। एक सम्मेलन में अधिकतम 200 शादियों की सीमा तय कर दी गई है और विवाह केवल तय तीन मुहूतों पर ही कराए जाने का प्रावधान रखा गया है। इन शर्तों के चलते जनप्रतिनिधियों की रुचि घट गई है। वर्ष 2025 में दमोह जिले की जबेरा, परिया और दमोह विधानसभा क्षेत्रों में चार बड़े विवाह सम्मेलन आयोजित किए गए थे। इन आयोजनों में कुल 4263 जौड़ परिणय सूत्र में बंधे थे। जबेरा विधानसभा में तेंदूखेड़ा और जबेरा में हुए दो आयोजनों में सबसे ज्यादा 3126 शादियां हुई थीं। पथरिया में 995 और दमोह में 432 जोड़े विवाह बंधन में बंधे थे। इन आयोजनों के लिए शासन की ओर से प्रति जोड़ा 6 हजार रुपए आयोजन समिति को दिए गए थे, जिससे विवाह, भोजन और अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। इसके अलावा हर वधु के खाते में 49 हजार रुपए की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की गई थी।
