
- पीएचक्यू की सीआईडी शाखा ने जारी किये निर्देश
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। आपराधिक मामलों की जांच के रिकार्ड में कई बार अहम सुराग गुम होने या लापरवाही की बातें सामने आने पर पीएचक्यू की सीआईडी शाखा ने अहम कदम उठाया है। इस संबंध में पीएचक्यू की सीआईडी शाखा ने भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्त समेत सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए है। इतना ही नहीं पुलिस की अन्य शाखाओं जीआरपी, नारकोटिक्स, एसटीएफ साइबर को भी इस सिस्टम के तहत काम करना होगा। पुलिस को केस डायरी समेत अन्य दस्तावेज सीसीटीएनएस के साथ ही ई साक्ष्य पोर्टल पर अपलोड करने पड़ेंगे। इसके फायदा यह होगा कि समस्त दस्तावेजों का रिकार्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित हो जाएगा। आपराधिक मामलों का डिजिटल रिकार्ड आवश्यकता के मुताबिक अभियोजन और कोर्ट के मांगे जाने पर पहुंच जाएगा। दरअसल किसी भी आपराधिक मामले की जांच में लंबा समय लगता है। उसमें फरियादी पक्ष और गवाहों के बयान समेत मौके से काफी साक्ष्य का संकलन की लंबी प्रक्रिया है। इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज केस डायरी के साथ प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान है। कई प्रकरणों में अदालत पुलिस से घटनाक्रम से जुड़े आवश्यक दस्तावेज मांगती है जिसे मैनुअल तरीके से प्रस्तुत करने में पुलिस को समय लगता है। डिजिटल रिकार्ड पुलिस तत्काल कोर्ट में प्रस्तुत कर सकती है। अधिकारियों का कहना है कि मैनुअल रिकार्ड को तलाशने में देरी होती है। वहीं गुम होने का डर रहता है। डिजिटल रिकार्ड स्थाई रूप से सुरक्षित हो जाता है। वहीं समय समय पर एजेसियों के मांगने पर आसानी से प्रस्तुत भी किया जा सकता है।
