
- मुख्यमंत्री ने कहा- संकट की घड़ी में पूरी सरकार है बाढ़ पीडि़तों के साथ
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव रीवा से सीधे चित्रकूट पहुंचे, जहां उन्होंने मंदाकिनी और सेमरावल नदियों के उफान से बिगड़े हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने प्राचीन मुखार विंद के पास बने आश्रय स्थल पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों और बाहरी श्रद्धालुओं से मुलाकात की, उनका हाल-चाल जाना और राहत सामग्री का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक चित्रकूट में जनजीवन सामान्य नहीं हो जाता, तब तक सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यहीं रहकर राहत और बचाव कार्यों की कमान संभालेंगे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री चित्रकूट के रामधाम मोहल्ले में कीचड़ से सने रास्तों पर खुद पैदल चलकर प्रभावितों के घरों तक पहुंचे। उन्होंने स्थानीय निवासी रामफल गर्ग और किस्मत कुमार गर्ग के घर जाकर बाढ़ से हुए नुकसान का मुआयना किया।
सतना के स्कूलों में छुट्टी
मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कई जिलों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी 30 फीट उफान पर है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद घरों और सडक़ों पर कचरा, मिट्टी और कीचड़ की मोटी परत जमा हो गई है। सतना जिले में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
सिंगरौली में पति-पत्नी बहे
सिंगरौली जिले में बारिश के कारण बड़ा हादसा हुआ, जहां तेज बहाव में पति-पत्नी बह गए। शहडोल स्थित बाणसागर डैम में पानी की आवक अचानक बढ़ गई है। डैम के लबालब होने पर दोपहर 6 गेट खोल दिए गए, जिसके बाद निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सतना-चित्रकूट मार्ग पर पिंडरा के पास पुलिया और सडक़ 4 स्थानों से बह गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
सतना सांसद गणेश सिंह ने स्थिति का जायजा लेते हुए कहा कि नुकसान के सटीक आकलन के बाद राज्य के मुख्यमंत्री से प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की जाएगी।
सर्वे कराकर देंगे मुआवजा
सीएम ने कहा- शनिवार रात ही उन्होंने रीवा में रुककर सतना और रीवा जिलों में अतिवृष्टि व बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की थी। दिन के समय जलस्तर बढऩे और मौसम पूर्वानुमान के चलते प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बाढ़ से हुए मकानों, घरेलू सामान, फसलों और पशुओं के नुकसान का पारदर्शी तरीके से सर्वे कराया जाएगा और सभी प्रभावितों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
3 दिन का अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए। वरिष्ठ अधिकारी अगले 3 दिनों तक चित्रकूट में ही रहकर व्यवस्थाओं को संभालेंगे। बाढ़ पीडि़तों के लिए शुद्ध पेयजल, भोजन, वस्त्र और चिकित्सा सेवाओं की तत्काल निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
अतिक्रमण की भी होगी जांच
सीएम ने कहा- सिहावल और मंदाकिनी नदियों के प्राकृतिक बहाव में रुकावट और अतिक्रमण की वजह से जलभराव की स्थिति और विकराल हुई है। इसके लिए सारे रिकॉर्ड मंगाए जा रहे हैं। जो भी जरूरी कार्रवाई होगी, की जाएगी।
नुकसान की होगी भरपाई
सतना-चित्रकूट मार्ग स्थित अग्रहरि किराना स्टोर पहुंचकर व्यापारी कामता प्रसाद गुप्ता से मुलाकात की और दुकान में पानी भरने से हुए नुकसान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है और नियमानुसार हर संभव सहायता व नुकसान की भरपाई की जाएगी।
