- ट्विशा केस में बड़ा एक्शन…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
देश के सबसे हाई प्रोफाइल मामलों में से एक ट्विशा शर्मा डेथ केस में अब सीबीआई ने केस अपने हाथ में ले लिया है। मंगलवार को दोपहर में दिल्ली सीबीआई की टीम रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और वकील समर्थ सिंह के घर पहुंची। जिस स्थान पर ट्विशा शर्मा की मौत हुई थी, उस स्थान के साथ ही उसी घर में रह रही गिरिबाला सिंह से भी सीबीआई की टीम ने पूछताछ की। भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह से ही हलचल तेज हो गई थी। दोपहर में सीबीआई की टीम गिरिबाला सिंह के बंगले पर पहुंची। जहां पूरे बंगले का बारीकी से मुआयना किया जा रहा है। सीबीआई के अफसरों ने गिरिबाला सिंह से भी पूछताछ की। साथ ही सीसीटीवी फुटेज के साथ अहम सबूत को सीबीआई ने जब्त कर लिया। सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (2) दहेज मृत्यु, धारा 85 (पति या उसके रिश्तेदार की ओर से महिला के साथ क्रूरता) और धारा 3 (5) (समान आशय) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं लागू की हैं। इन्हीं धाराओं में लोकल पुलिस ने भी दर्ज किया था।
एफआईआर के बाद शुरू किया काम
कटारा हिल्स थाने में पहले से दर्ज एफआईआर को री-रजिस्टर कर आरोपी पति समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। जांच में यह भी बात सामने आ रही है कि 20 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की गई थी। इसी आधार पर सीबीआई ने दहेज मृत्यु और प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है। सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (2) दहेज मृत्यु, धारा 85 (पति या उसके रिश्तेदार की ओर से महिला के साथ क्रूरता) और धारा 3 (5) (समान आशय) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं लागू की हैं। इन्हीं धाराओं में लोकल पुलिस ने भी दर्ज किया था।
एसआईटी ने भी की पूछताछ
इससे पहले सीबीआई दिल्ली की विशेष टीम सोमवार देर शाम को भोपाल पहुंच गई थी। जहां समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से ढाई घंटे तक पूछताछ हुई थी। आरोपी से स्पाट वेरिफिकेशन भी कराया गया था।
पुलिस को सूचना देरी से क्यों दी: बताया जा रहा है कि सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि ट्विशा की मौत के बाद कटारा हिल्स थाने में सूचना देरी से क्यों दी गई। 12 मई की रात को 10.20 बजे ट्विशा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी, जबकि एम्स भोपाल से 13 मई की सुबह 5 बजे मर्ग कायम कराया गया। ट्विशा के परिजनों का आरोप है कि इस दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में पुलिस को सूचना देरी से देने और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है।
सीबीआई खोजेगी जवाब
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सबसे बड़ा सवाल उनके शरीर पर मिले जख्मों को लेकर है. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये साफ कहा गया है कि मौत का कारण फंदे से लटकने की वजह से हुआ है, लेकिन इसके साथ ही उनके शरीर के अन्य हिस्सों पर कई चोटों के निशान भी पाए गए हैं. जो मौत से पहले लगी थी. रिपोर्ट के मुताबिक ये चोटें किसी भोथरी चीज या भारी दबाव के कारण लगी हो सकती हैं, जो गहरी साजिश की ओर इशारा करती हैं।
पैसों के लेन-देन, प्रताड़ना और घरेलू हिंसा!: ट्विशा के परिवार वालों ने पुलिस को दिए अपने बयानों में आरोप लगाया है कि 9 दिसंबर 2025 को हुई शादी के बाद से ही ससुराल वाले दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे. इसी वजह से 33 वर्षीय ट्विशा को लगातार मानसिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का शिकार बनाया जा रहा था, जिससे तंग आकर उन्हें ये आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा. परिवार का आरोप है कि पैसों के अवैध लेन-देन के चलते भी विवाद चल रहा था।
