
- रेलवे ने भेल भोपाल को दिया 24 हजार करोड़ का आर्डर
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। देश की अत्याधुनिक वंदेभारत स्लीपर ट्रेनें अब भेल भोपाल और सहयोगी इकाइयों के सहयोग से रेल पटरियों पर 160 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी। भेल भोपाल में निर्मित स्वदेशी तकनीकों और शक्तिशाली मोटरों से लैस इन ट्रेनों की बोगियां 170-180 किमी/घंटा तक की डिजाइन गति क्षमता के साथ निर्मित होगी। इसके साथ ही भारतीय रेलवे ने भेल भोपाल को 34 साल तक वंदेभारत ट्रेनों के रखरखाव का भी जिम्मा दिया है। जानकारी के अनुसार वंदेभारत स्लीपर ट्रेनों का महत्वपूर्ण पार्टस इनके मोटर, ट्रांसफार्मर होते है, जिससे ट्रेन अपनी पूरी क्षमता के साथ पटरियों पर दौड़ती है। भारतीय रेलवे ने इसके लिए भेल को करीबन 24 हजार करोड़ रुपए का बड़ा आदेश दे दिया है। रेलवे के पीआरओ नवल अग्रवाल ने कहा कि रेलवे का लक्ष्य वंदेभारत स्लीपर ट्रेन को स्वदेशी तकनीक से निर्मित करते हुए 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित करना है। इसे पूरा करने में भेल सक्षम है। इसलिए रेलवे ने भेल को ये बड़ा आर्डर दिया है। खास बात ये है कि 200 वंदेभारत स्लीपर ट्रेनों के इस प्रतिष्ठित टेंडर में 80 वंदे भारत ट्रेनों के लिए मोटरें और अन्य उपकरण बनाने का आर्डर मिला।
भेल भोपाल ने शुरू की तैयारी
भेल के अधिकारियों के अनुसार भेल इस (आदेश को अपनी सहयोगी इकाई टीटीगढ़ वैगन लिमिटेड टीडब्ल्यूएल यूनिट के सहयोग से पूरा करेगी। इसके लिए भेल भोपाल ने तैयारी शुरू कर दी है। भेल भोषाल इकाई ना केवल मोटरें बनाएगी, बल्कि इन ट्रेनों का अनुरक्षण (मेंटनेंस) भी अगले 35 साल तक करेगी। इस विशाल प्रोजेक्ट के लिए भेल भोपाल के अलावा झांसी और बेंगलुरु यूनिट्स से भी सहयोग लेगी।
