
- पोषण आहार विंग में लंबे समय से जमे अधिकारियों का काम बदला
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। महिला एवं बाल विकास विभाग में आयुक्त निधि निवेदिता के तबादले से ठीक पहले अधिकारियों की कार्यप्रोफाइल में बड़ा बदलाव किया गया है। लंबे समय से पोषण आहार का काम संभाल रहे संयुक्त संचालक अक्षय श्रीवास्तव की जिम्मेदारी बदलकर यह काम संयुक्त संचालक स्वर्णिमा शुक्ला को सौंपा गया है। इसके साथ ही कई अन्य अधिकारियों के काम में भी फेरबदल किया गया है। कार्य विभाजन को लेकर महिला एवं बाल विकास अधिकारी संघ ने सवाल उठाए हैं। संघ ने आरोप लगाया है कि आयुक्त के तबादले से पहले इस तरह अधिकारियों के काम बदलना सामान्य प्रक्रिया नहीं है। संघ के अध्यक्ष सुरेश तोमर का कहना है कि आदेश 3 सितंबर का बताया जा रहा है, जबकि आयुक्त का तबादला हो चुका है। ऐसे में आदेश की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कई दिन से चल रही थी कवायद
विभाग के दूसरे अधिकारियों का कहना है कि कार्य विभाजन की प्रक्रिया अगस्त के अंतिम सप्ताह से चल रही थी। इसलिए इसे बैक डेट में जारी किया गया आदेश नहीं माना जाना चाहिए। अधिकारियों के मुताबिक कुछ अधिकारी अपेक्षित तरीके से काम नहीं कर रहे थे, इसलिए उनकी जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया। नए कार्यविभाजन में उप संचालक हरीश खरे को स्थापना का काम सौंपा गया है। खास बात यह है कि उनके अधीन तीन उप संचालक आशीष सिंह, मनोज अहिरवार और राजीव खरे को रखा गया है। इसी व्यवस्था को लेकर भी अधिकारी संघ ने आपत्ति दर्ज कराई है।
पोषण आहार में लंबे समय से एक ही चेहरा
पोषण आहार विंग में लंबे समय से अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर भी बदलाव किया गया है। अक्षय श्रीवास्तव वर्ष 2009 से 2017 तक पोषण आहार का काम देख चुके हैं। इसके बाद वर्तमान में करीब डेढ़ साल से वे फिर इसी जिम्मेदारी में थे। अब उनसे यह काम लेकर स्वर्णिमा शुक्ला को सौंप दिया गया है। इससे पहले वर्ष 2003 से 2008 तक पोषण आहार का काम रविंद्र सिंह रघुवंशी के पास था। वे वर्तमान में महिला वित्त एवं विकास निगम में पदस्थ हैं।
81 अफसरों को नोटिस, कामकाज पर कार्रवाई
आयुक्त निधि निवेदिता के कार्यकाल में विभागीय कामकाज को लेकर भी सख्ती दिखाई गई। विभाग में ठीक से काम नहीं करने वाले 81 अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। इनमें प्रोजेक्ट डायरेक्टर, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी और ऑब्जर्वर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। विभागीय स्तर पर इसे कामकाज में सुधार लाने की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं अधिकारी संघ का कहना है कि कार्यविभाजन और कार्रवाई से जुड़े फैसलों की प्रक्रिया और समय को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।
जवाहर बाल भवन में भी बदलाव
कार्यविभाजन के दौरान जवाहर बाल भवन को लेकर भी बदलाव किया गया है। संचालनालय में संयुक्त संचालक राजेश प्रताप सिंह को जवाहर बाल भवन का संचालक बनाया गया है। वहीं मौजूदा संचालक ऊषा सिंह सोलंकी को तत्काल प्रभाव से संचालनालय में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
