
वित्त विभाग ने वित्तीय अनुशासन को बनाया आधार
गौरव चौहान
मध्य प्रदेश में सरकारी निकायों के पास उपलब्ध फंड के बैंक खातों में विनियोजन को लेकर वित्त विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 12 निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों को सरकारी निकायों का फंड रखने के लिए अनुमत्य किया गया है। हालांकि, निजी बैंकों का चयन केवल उनके वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर नहीं किया गया है, बल्कि सरकारी खातों के संचालन में वित्तीय अनुशासन और अनियमितताओं को भी प्रमुख आधार बनाया गया है।
इस फैसले के बाद प्रदेश के निगम, मंडल, बोर्ड, उपक्रम, विश्वविद्यालय और अन्य सरकारी निकाय वित्त विभाग की अनुमत्य सूची में शामिल इन बैंकों में अपना उपलब्ध फंड रख सकेंगे। वित्त विभाग ने सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों, बजट नियंत्रण अधिकारियों सहित संबंधित सरकारी निकायों को नई सूची भेज दी है।
बैंक बदलने की छूट, लेकिन नियम वही
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई सूची जारी होने का मतलब यह नहीं है कि सरकारी निकायों को फंड के विनियोजन में मनमानी की छूट मिल गई है। 27 मार्च 2025 को जारी मार्गदर्शी निर्देशों में सरकारी कोष को बैंकों में रखने और उसके विनियोजन के लिए जो नियम तय किए गए थे, वे पहले की तरह लागू रहेंगे। नई सूची सिर्फ वित्तीय वर्ष 2025-26 के उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के आधार पर अपडेट की गई है। विभाग के निर्देशों के अनुसार निजी बैंकों की सूची प्रत्येक वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद उपलब्ध प्रकाशित आंकड़ों के आधार पर सामान्यत: अगस्त में अपडेट की जाती है।
सरकारी खातों में गड़बड़ी वाले बैंक सूची से बाहर
वित्त विभाग ने निजी बैंकों का चयन करते समय सरकारी खातों के संचालन से जुड़ी वित्तीय स्थिति को भी अहम माना है। ऐसे बैंकों को सूची में शामिल नहीं किया गया है, जिनमें राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर शासकीय खातों के संचालन के दौरान वित्तीय अनियमितता सामने आई हो। यानी सरकारी फंड रखने के लिए बैंक की वित्तीय क्षमता के साथ यह भी देखा गया कि उसके यहां सरकारी खातों का संचालन किस तरह हुआ और वित्तीय अनुशासन का पालन कितना रहा। इससे सरकारी धन के विनियोजन में जोखिम कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
हर साल अगस्त में अपडेट होगी सूची
वित्त विभाग के मुताबिक निजी बैंकों की अनुमत्य सूची स्थायी नहीं है। वित्तीय प्रदर्शन और उपलब्ध प्रकाशित आंकड़ों के आधार पर इसे हर वित्तीय वर्ष के बाद अपडेट किया जाएगा। इसलिए चालू वित्तीय वर्ष में शामिल बैंक अगले वर्ष की सूची में बने रहें, यह जरूरी नहीं है।
ये 12 बैंक सूची में
वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, सिटी यूनियन बैंक, जना स्मॉल फाइनेंस बैंक, करूर वैश्य बैंक, ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक और इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक को अनुमत्य किया है।
आज से शुरू होगी 2027-28 बजट की पहली चर्चा
इधर, राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट की तैयारी भी तेज कर दी है। विभागवार पहली बजट चर्चा 9 सितंबर से शुरू होगी। वित्त विभाग के उप सचिव स्तर के अधिकारी संबंधित विभागों के उप सचिवों के साथ बजट प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे। यह प्रक्रिया करीब एक महीने चलेगी। इस दौरान विभागों के प्रस्तावित खर्च, योजनाओं की जरूरत और बजट प्रावधानों को लेकर प्रारंभिक स्तर पर मंथन होगा। इसके बाद बजट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
