
- प्रदेश में मानसून की तीन दिन पहले हो चुकी है एंट्री
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश में मानसून की तीन दिन पहले एंट्री के बाद भी भोपाल में अब तक मानसून नहीं पहुंचा है। बावजूद इसके शनिवार को राजधानी में सीजन की पहली तेज बारिश हुई। दिनभर तेज धूप और उमस के बाद शाम को अचानक मौसम ने करवट ली। चार बजे आसमान में काले बादलों ने डेरा डाला और साढ़े चार बजे से बौछारें पडऩा शुरू हो गईं थी। इसके बाद रात करीब साढ़े नौ बजे तेज आंधी और गरज-चमक के साथ 8.5 मिलीमीटर झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। तेज बारिश के बाद शहर के लोगों को लगा कि भोपाल में मानसून आ गया है, लेकिन मौसम विभाग ने अब तक इसकी घोषणा नहीं की है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला का कहना है कि यह कनवेक्टिव क्लाउड हैं। जब धरती बहुत ज्यादा गर्म होती है और उसे नमी मिलती है, तो गरज-चमक वाले बादल बनकर बरस जाते हैं। ग्वालियर-चंबल में अभी मानसून का इंतजार: मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों सहित करीब 45 जिलों में मौसम खराब रहने और बारिश होने की संभावना जताई है।
भोपाल-इंदौर में सामान्य से अधिक बारिश
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक प्रदेश के भोपाल, इंदौर, बुरहानपुर, शाजापुर, सीहोर, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच और श्योपुर जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। इसके उलट जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल संभाग के अधिकांश जिलों सहित ग्वालियर, गुना, धार और उज्जैन जैसे इलाकों में फिलहाल सामान्य से कम बारिश हुई है, जिन्हें मानसून के अगले दौर का बेसब्री से इंतजार है।
