
- सागर जहरीली शराब कांड में 4 पर स्थायी अंधेपन का खतरा, दो एम्स भोपाल रेफर
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। जहरीली शराब पीने वाले 34 लोगों की मौत का ब्यौरा सामने आ चुका है। शराब का यह जहर जीवित बचे लोगों का जीवन भी दूभर करने वाला है। इस जहर ने बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र के 10 से अधिक लोगों से उनके आंखों की रोशनी छीन ली है। इनमें से चार लोग ऐसे हैं, जिनकी आंखों की नसों को इतना नुकसान हुआ है कि उन पर हमेशा के लिए अंधे होने का खतरा मंडरा रहा है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) ने इनमें से दो को बेहतर इलाज के लिए भोपाल एम्स रेफर किया है।
शराब पीने के कुछ घंटों बाद ही दिखना बंद: मोहली निवासी गोविंद अहिरवार ने बताया कि उसने सागर गोल्ड शराब पी थी। इसके बाद उल्टियां और पेट दर्द शुरू हो गया। कुछ ही घंटों बाद उसे दिखना बंद हो गया। घटना को सात दिन से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब भी उसे दोनों आंखों से दिखाई नहीं दे रहा है। रावरा निवासी सुनील विश्वकर्मा रीवा में जल निगम में कर्मचारी हैं। छुट्टी पर घर आए थे। दोस्तों के कहने पर शराब पी और इसके बाद अचानक दिखाई देना बंद हो गया। सुनील बताते हैं कि अब एक आंख से दिखने लगा है, लेकिन दूसरी आंख से भी धुंधला दिख रहा है।
90 फीसदी से ज्यादा अंधत्व: बीएमसी में भर्ती संतोष लोधी और गोविंद रजक को आंखों की रोशनी में गंभीर कमी के चलते भोपाल रेफर किया गया है। दोनों में 90 प्रतिशत से ज्यादा ब्लाइंडनेस बताया गया है। बीएमसी में उपचार के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर उन्हें एम्स भोपाल भेजा गया। वहीं दो अन्य मरीजों को भी रेफर करने की तैयारियां चल रही हैं।
मरीजों ने की थी धुंधलेपन की शिकायत
सामने आया है कि चार-पांच सितंबर को जहरीली शराब पीने वाले 100 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए बीएमसी पहुंचे थे। इनमें करीब 95 प्रतिशत मरीजों को धुंधला दिख रहा था। जांच के बाद इनका इलाज शुरू हुआ। कई लोगों की जान चली गई। कुछ की हालत सुधरी और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। लेकिन अस्पताल के वार्डों में कई लोग ऐसे हैं, जिनके लिए हर गुजरता दिन रोशनी की उम्मीद और अंधेरे के डर के बीच बीत रहा है।
मिथाइल अल्कोहल का असर
बीएमसी के नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर डा. प्रवीण खरे ने बताया कि इन लोगों ने जो शराब पी थी उसमें मिथाइल अल्कोहल था। उसके कारण आंखों की आप्टिक नर्व में सूजन आ जाती है। इसी कारण मरीजों को देखने में परेशानी होती है। मिथाइल अल्कोहल शरीर के अलग-अलग अंगों को प्रभावित करता है। जिन मरीजों के आंतरिक अंग पहले से कमजोर थे, उनमें इसका असर अधिक गंभीर दिखाई दिया। वहीं कुछ मरीजों में इसके कारण ऑप्टिक नर्व डैमेज हुई और उन्हें टाक्सिक इंड्यूस्ड ऑप्टिक न्यूराइटिस की स्थिति का सामना करना पड़ा। इस स्थिति में आंखों की रोशनी प्रभावित हो जाती है। हालांकि यह स्थिति को उपचार के बाद सुधर सकती है। यही वजह है कि कुछ मरीजों की आंखों की रोशनी वापस आई है।
