
- वल्र्ड पॉपुलेशन रिव्यू की रिपोर्ट
नई दिल्ली/बिच्छू डॉट कॉम। दुनिया में महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से अफगानिस्तान सबसे असुरक्षित देश माना गया है। इसमें पांच शीर्ष देशों की सूची में यमन दूसरे पायदान पर है। ग्लोबल वुमन सेफ्टी इंडेक्स के हालिया आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। वल्र्ड पॉपुलेशन रिव्यू की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अफगानिस्तान महिलाओं के लिए दुनिया का सबसे असुरक्षित देश बन गया है।
अत्यधिक जोखिम में कई देशों में महिलाओं का जीवन: युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता और कट्टरपंथी सामाजिक मानदंडों के कारण कई देशों में महिलाओं का जीवन अत्यधिक जोखिम में है। महिला सुरक्षा सूचकांक में अफगानिस्तान 0.279 के स्कोर के साथ सबसे नीचे है। यहां महिलाओं की सार्वजनिक जीवन में भागीदारी न के बराबर है और उन पर सामाजिक प्रतिबंध लागू हैं। शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी अधिकार भी क्षेत्र की स्थानीय नीतियों पर निर्भर करते हैं, जिससे उनकी स्वायत्तता पूरी तरह समाप्त हो गई है। इस सूची में दूसरे स्थान पर यमन (0.323) है, जहां लंबे समय से जारी गृहयुद्ध ने स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया है। इसके बाद सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक (0.362) और सीरिया (0.364) का स्थान है। सीरिया में वर्षों से जारी संघर्ष ने महिलाओं को विस्थापन और मनोवैज्ञानिक तनाव की ओर धकेला है। इसके बाद कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (0.384) का नंबर आता है।
177 देशों की सूची में भारत 131वें स्थान पर
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की स्थिति इन युद्धग्रस्त देशों की तुलना में काफी बेहतर है, लेकिन चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। भारत में महिलाओं की सुरक्षा के लिए निर्भया फंड, मिशन शक्ति और सख्त पॉक्सो कानूनों जैसे कड़े प्रावधान किए गए हैं। वहीं, अफगानिस्तान या यमन जैसे देशों के विपरीत, भारत में महिलाओं को सांविधानिक रूप से शिक्षा, कार्य और अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता प्राप्त है। भारत के लिए मुख्य चुनौतियां सामाजिक धारणाएं, कार्यस्थल पर सुरक्षा और घरेलू हिंसा से निपटना है। बता दें कि 177 देशों की सूची में भारत 131वें स्थान पर है। पिछले साल के सुधार के संकेत में यह 0.595 से बढक़र 0.607 हुआ।
