
- सीईओ की तीन करोड़ और क्लर्क की 1.47 करोड़ की संपत्ति कुर्क
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भोपाल यूनिट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में लगभग 4.5 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच कर ली है। इन मामलों में रोचक तथ्य यह है कि छापों के दौरान दोनों मामलों में जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की गई थी। ये दोनों केस ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद ईडी ने जांच में लिए थे। पहला मामला जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का है। जांच एजेंसी ने कंपनी के पूर्व सीईओ की 3 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच कर ली है। ईडी के अनुसार, समूह के सीईओ रहे सुनील कुमार त्रिपाठी और उनके परिवार के नाम पर आवासीय मकान, प्लॉट के साथ ही उनका बैंक बैलेंस भी जब्त किया गया है। इससे पहले ईडी कंपनी के संचालक ललित मोदी और जयश्री गायत्री फूड्स के नाम पर खरीदी गईं लगभग 10 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के साथ ही लगभग एक दर्जन बैंक खातों में जमा करोड़ों की रकम को भी फ्रीज करा चुकी है। इस मामले की शुरुआत लगभग पांच साल पहले हुई थी, जब हबीबगंज थाना पुलिस और ईओडब्ल्यू भोपाल ने कंपनी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद पिछले साल जनवरी में ईडी ने जब समूह पर छापेमारी की, तो समूह की डायरेक्टर पायल मोदी ने ईडी पर गंभीर आरोप लगाते हुए जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था।
मेडिकल एजुकेशन के बाबू पर भी कसा शिकंजा
इधर, मंगलवार को ही ईडी भोपाल ने प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग में पदस्थ अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) हीरो केसवानी की लगभग 1.47 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई सरकारी कर्मचारी द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में की गई है। 2022 में ईओडब्ल्यू ने केसवानी के ठिकानों पर छापे मारे थे। इस दौरान उसके यहां से लगभग 4 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी मिली थी। ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद ईडी ने मामले की पड़ताल की, तो सामने आया कि हीरो केसवानी ने 2005 से 2022 के बीच अपनी वैध आय के मुकाबले लगभग तीन गुना अधिक की प्रॉपर्टी बनाई है। इसके बाद ईडी ने केसवानी की 1.47 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर ली। ईडी की जांच में केसवानी की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। पड़ताल में उजागर हुआ कि काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए हीरो केसवानी अपनी पत्नी के नाम पर निवेश करता था, जबकि उसकी पत्नी का आय का कोई जरिया ही नहीं था। ईडी ने फिलहाल 1.47 करोड़ रुपये कीमत की जमीन, मकान, बैंक बैलेंस और नकद राशि अटैच की है।
