
- दौड़ में कई नाम, दिल्ली की पसंद पर लगेगी मुहर!
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मुख्य सचिव अनुराग जैन का दूसरा कार्यकाल ढाई महीने बाद 31 अगस्त को खत्म हो रहा है। मौजूदा मुख्य सचिव जैन को दूसरी बार सेवा विस्तार मिलेगा या फिर मुख्य सचिव के पद पर किसी नए आइएएस की ताजपोशी होगी, यह दिल्ली से तय होगा। जिसमें मप्र की राय अहम होगी। यदि मुख्य सचिव के पद पर किसी नए आइएएस की ताजपोशी होती है तो डॉ. राजेश राजौरा, मनोज गोविल, अशोक बर्णवाल, मनु श्रीवास्तव, पंकज अग्रवाल, वीएल कांथाराव, नीलम शमी राव, संजय दुबे और नीरज मंडलोई में से कोई एक हो सकते हैं। इससे बाहर कोई नाम नहीं हो सकते। इनमें से गोविल, कांथाराव व नीलम शमी राव इस समय दिल्ली में पदस्थ हैं। वरिष्ठता में सबसे बड़ा नाम अभी भी 1990 बैच के डॉ. राजेश राजौरा का ही है। इसके बाद 1991 बैच के गोविल, बर्णवाल और श्रीवास्तव हैं। इन चारों आइएएस में से गोविल को छोड़, बाकी के तीन अगले साल 2027 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जबकि गोविल के पास 2029 तक का समय है।
इन्हें मुख्य सचिव बनाया तो बनेगी सेवा विस्तार की नौबत
यदि एसीएस डॉ. राजौरा, बर्णवाल, श्रीवास्तव व केसी गुप्ता को मुख्य सचिव बनाया जाता है तो इन्हें सेवा विस्तार देने की नौबत बन सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि डॉ. राजौरा मई 2027 में, बर्णवाल जनवरी 2027 में, श्रीवास्तव सितंबर 2027 में और केसी गुप्ता अगस्त 2027 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। स्वभाविक है इतने कम अवधि में सरकार मुख्य सचिव बदलने की स्थिति में नहीं होगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एसीएस नीरज मंडलोई के नाम की भी चर्चा है, लेकिन उनकी ताजपोशी की जाती है तो ऐसे में उनसे वरिष्ठ 5 एसीएस डॉ. राजौरा, बर्णवाल, श्रीवास्तव, केसी गुप्ता और संजय दुबे को मंत्रालय से बाहर करना पड़ेगा। ये सभी मंडलोई से वरिष्ठ हैं। हालांकि केंद्र व राज्य, ऐसा करने के लिए सहमत होंगे, यह फिलहाल संभव नहीं लगता।
मालवा के अग्रवाल का नाम चर्चा में, पलड़ा इनका ही भारी
मुख्य सचिव के लिए 1992 बैच के आइएएस पंकज अग्रवाल के नाम की चर्चा टॉप पर है। फिलहाल वे केंद्र के ऊर्जा मंत्रालय में सचिव है। दो कारणों से उनका नाम प्रबल है। पहला, वे मालवा से आते हैं, यहीं से सीएम भी हैं। दूसरा, उनकी सेवानिवृत्ति साल 2029 के अंत में होनी है। ऐसे में अग्रवाल की ताजपोशी की जाती है तो केंद्र व राज्य को बार-बार सेवा विस्तार की जरूरत नहीं पड़ेगी।
निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं ये दो कारण
साल 2028 की शुरुआत में सिंहस्थ है और फिर विधानसभा चुनाव होंगे। यह साल सरकार के लिए सबसे अहम है। माना जा रहा है कि सरकार ऐसे समय में उस समय मुख्य सचिव के पद पर बैठे किसी आइएएस के लिए सेवावृद्धि और नए मुख्य सचिव के चुनाव के पचड़े में नहीं फंसना चाहेगी। माना जा रहा है कि सरकार साल 2027 की शुरुआत में या सिंहस्थ के काफी पहले ऐसे आइएएस को कमान दिलाना चाहेगी, जो सिंहस्थ व चुनाव के पहले प्रशासनिक दृष्टि से मध्यप्रदेश और यहां की जनता की जरूरतों को समझकर पूरा करा लें।
जैन को दिल्ली किया जा सकता है शिफ्ट
मुख्य सचिव अनुराग जैन देश के चुनिंदा अनुभवी आइएएस में शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक यदि वे स्वयं या दिल्ली से उनके सेवा विस्तार पर सहमति नहीं मिलती है तो, उनके अनुभवों का लाभ केंद्र ले सकती है। हाल में चर्चा भी थी कि उन्हें दिल्ली में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। मुख्य सचिव नियुक्त होने से पहले जैन दिल्ली में लंबे समय तक अहम पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। सबसे पहले सितंबर 2024 में उन्हें मुख्य सचिव नियुक्त किया था। वे 31 अगस्त 2025 को अपना पहला कार्यकाल पूरा कर रहे थे, इसके पहले उन्हें एक साल के लिए सेवावृद्धि दे दी गई।
