
- 5.67 करोड़ मतदाता करेंगे 2027 के नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में मतदान
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश में अगले वर्ष प्रस्तावित नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंच गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी नगरीय निकायों और पंचायतों की फोटोयुक्त अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी। इसी सूची के आधार पर जून-जुलाई 2027 में स्थानीय निकायों के चुनाव कराए जाएंगे। इस बार की मतदाता सूची कई मायनों में अहम है। पिछले स्थानीय निकाय चुनावों की तुलना में प्रदेश में करीब 20.17 लाख नए मतदाता जुड़े हैं। यही नए मतदाता आगामी चुनावों में सत्ता का समीकरण बदलने की क्षमता रखते हैं। राजनीतिक दल अब इन्हीं नए मतदाताओं, विशेषकर युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं को साधने की रणनीति बनाने में जुटेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग की अंतिम सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 5 करोड़ 67 लाख 21 हजार 353 मतदाता पंजीकृत हैं। पिछले स्थानीय निकाय चुनावों में यह संख्या 5 करोड़ 47 लाख 4 हजार 296 थी। यानी पांच वर्षों में मतदाताओं की संख्या में 20 लाख 17 हजार से अधिक की वृद्धि हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रारंभिक सूची पर प्राप्त दावे और आपत्तियों के निराकरण, सत्यापन और आवश्यक संशोधन के बाद अंतिम फोटोयुक्त मतदाता सूची प्रकाशित की गई है। आगामी स्थानीय चुनावों में यही अधिकृत मतदाता सूची होगी।
ग्रामीण मतदाता तय करेंगे चुनावी दिशा
अंतिम सूची के अनुसार प्रदेश के 72 प्रतिशत मतदाता ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 4 करोड़ 6 लाख 70 हजार 369 मतदाता दर्ज किए गए हैं, जिनमें 2 करोड़ 9 लाख 33 हजार 656 पुरुष,1 करोड़ 97 लाख 36 हजार 108 महिलाएं और 605 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। यानी ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायत चुनावों में ग्रामीण मतदाता सबसे निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
शहरी क्षेत्रों में 1.60 करोड़ मतदाता
प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों के चुनाव में कुल 1 करोड़ 60 लाख 50 हजार 984 मतदाता मतदान करेंगे। इनमें 81 लाख 75 हजार 766 पुरुष, 78 लाख 74 हजार 281 महिलाएं औ 937 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। शहरी क्षेत्रों में पुरुष और महिला मतदाताओं के बीच अंतर लगभग 3 लाख का है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अंतर करीब 11 लाख है। प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में महिला मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 76 लाख से अधिक है। पिछले वर्षों में महिलाओं की मतदान भागीदारी लगातार बढ़ी है, लेकिन पंजीकृत मतदाताओं की संख्या के लिहाज से वे अब भी पुरुषों से पीछे हैं। निर्वाचन आयोग ने इस बार थर्ड जेंडर मतदाताओं को अलग श्रेणी में शामिल किया है। प्रदेश में कुल 1,542 थर्ड जेंडर मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 937 शहरी और 605 ग्रामीण क्षेत्रों के हैं।
एसआईआर के बाद 27.40 लाख मतदाता बढ़े
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच कराए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के बाद प्रदेश में मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ी है। एसआईआर के बाद जारी सूची में प्रदेश में 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 मतदाता थे, जबकि अब राज्य निर्वाचन आयोग की अंतिम सूची में यह संख्या बढकऱ 5 करोड़ 67 लाख 21 हजार 353 हो गई है। यानी इस अवधि में 27.40 लाख नए मतदाता जुड़े हैं।
अब तेज होंगी चुनावी तैयारियां
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के साथ ही चुनावी तैयारियां भी रफ्तार पकड़ेंगी। निर्वाचन आयोग मतदान केंद्रों का पुनर्गठन, मतदान दलों का गठन, प्रशिक्षण और सामग्री प्रबंधन की प्रक्रिया तेज करेगा। दूसरी ओर सभी प्रमुख राजनीतिक दल बूथवार मतदाता सूची का विश्लेषण कर नए मतदाताओं तक पहुंचने और अपने संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम शुरू करेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय निकाय चुनावों में जीत-हार का अंतर कई बार कुछ सौ या कुछ हजार वोटों का ही होता है। ऐसे में 20 लाख से अधिक नए मतदाताओं की मौजूदगी चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकती है। युवा मतदाता, पहली बार मतदान करने वाले नागरिक और तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों के वोटर इस बार स्थानीय सत्ता की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
