विश्व स्वास्थ्य संगठन की ताजा ग्लोबल हेल्थ एस्टीमेट्स रिपोर्ट ने भारत में सडक़ सुरक्षा को लेकर एक डरावनी तस्वीर पेश की है। भारत में सडक़ हादसे अब मौतों का 10वां प्रमुख कारण बन चुके हैं। यह आंकड़े न केवल देश की यातायात व्यवस्था, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यही नहीं, वर्तमान स्थिति यह है कि भारत में हर दिन औसतन 500 लोग सडक़ हादसों में अपनी जान गंवा रहे हैं। दरअसल, डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में सडक़ हादसे पुरुषों की मौत का 8वां सबसे बड़ा कारण हैं, जबकि महिलाओं के मामले में ऊंचाई या अन्य कारणों से गिरना मौत का 8वां प्रमुख कारण है। कुल मिलाकर बात करें तो, सडक़ दुर्घटनाएं भारत में महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए मौत का 10वां सबसे बड़ा कारण बनी हुई हैं। जब से वैश्विक डेटा जुटाना शुरू हुआ है, तब से भारत में सडक़ हादसों में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं। साल 2023 में भारत में सडक़ हादसों में 1.74 लाख लोगों की जान गई थी, जो दुनियाभर में सडक़ दुर्घटनाओं में मरने वाले कुल 12.2 लाख लोगों का 14 फीसदी से अधिक था।
05/10/2026
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