
बिच्छू डॉट कॉम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव का भव्य उद्घाटन किया। चिन्मय मिशन की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान पीएम ने देश को संबोधित करते हुए समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ मजबूती से एकजुट होने का आह्वान किया। कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण पीएम मोदी द्वारा स्वामी चिन्मयानंद के 3-डी होलोबॉट के साथ संवाद करना रहा। यह तकनीक एक वास्तविक दिखने वाले डिजिटल इंसान को पेश करती है। उल्लेखनीय है कि स्वामी चिन्मयानंद का निधन 3 अगस्त 1993 को हुआ था, जिन्होंने 1951 में इस वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन की नींव रखी थी। पीएम मोदी ने कहा-बीते दशकों में समय बदला है और नई चुनौतियां व सामाजिक बुराइयां सामने आई हैं। इन समस्याओं का समाधान करने की जिम्मेदारी हम सबकी है। मैं आह्वान करता हूं-लोग समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट हों, आत्मनिर्भरता के लिए देशवासियों को प्रेरित करें और हर नागरिक को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन से जोड़ें। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, ठीक उसी समय चिन्मय मिशन के भी 100 वर्ष पूरे होंगे। यानी विकसित भारत और चिन्मय मिशन का मार्ग एक ही है। अतीत में जो मूर्तियां चोरी कर विदेश ले जाई गई थीं, उनमें से 600 प्राचीन मूर्तियां पिछले 12 वर्षों में वापस लाई गई हैं।
