
भारतीय रिजर्व बैंक ने देश की वित्तीय व्यवस्था को सुधारने और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने देशभर में काम कर रही 150 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का पंजीकरण तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि ये कंपनियां अब बाजार में लोन देने या निवेश करने जैसे कोई भी वित्तीय काम नहीं कर पाएंगी। आरबीआई की इस सख्ती से उन कंपनियों में हडक़ंप मच गया है जो नियमों की अनदेखी कर रही थीं या जिनका कामकाज मानकों के अनुरूप नहीं था। आरबीआई द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस कार्रवाई की सबसे बड़ी मार दिल्ली और पश्चिम बंगाल की कंपनियों पर पड़ी है। रद्द किए गए 150 लाइसेंसों में से करीब 67 कंपनियां अकेले दिल्ली में पंजीकृत थीं, जिनमें अकिन विंकॉम, बृहस्पति फाइनेंसर्स और विराट फिनवेस्ट जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की भी लगभग 75 कंपनियों के लाइसेंस छीन लिए गए हैं, जिनमें अबीर ट्रेडर्स और ब्लू डायमंड सिक्योरिटीज जैसी संस्थाएं आती हैं।
