
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष ने 73 देशों के करीब 1.08 लाख युवाओं (18-39 वर्ष) पर आधारित ‘जीवन, विकल्प और भविष्य’ नाम से एक वैश्विक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 83 फीसदी युवा अपने भविष्य को लेकर सकारात्मक हैं। पनामा और कैमरून के युवा सबसे ज्यादा पॉजिटिव हैं, जबकि कोस्टा रिका और फिलीपींस के युवा जलवायु परिवर्तन व आर्थिक तंगी के कारण सबसे ज्यादा तनाव में हैं। वहीं दवा किया गया है कि दुनिया के हर चौथे युवा के सिंगल होने की वजह से अमीर देशों में अकेलापन बढ़ रहा है। 50.6 फीसदी युवा मनपसंद साथी न मिलने और 41.6 प्रतिशत युवा आर्थिक तंगी, खराब सेहत या पिछले रिश्ते में मिले धोखे के कारण सिंगल हैं। वैश्विक स्तर पर 30 फीसदी पुरुष और 19.3 प्रतिशत महिलाएं सिंगल हैं। स्टडी में 55 हजार 626 महिलाएं, जबकि 53 हजार 300 पुरुष थे। ये युवा भारत, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, नॉर्वे, पोलैंड, स्पेन, स्वीडन, यूक्रेन, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, उरुग्वे, उज़्बेकिस्तान, भारत, अर्जेंटीना, बांग्लादेश, ब्राजील, कम्बोडिया, मिस्र, घाना, इंडोनेशिया, केन्या आदि देशों के रहने वाले थे। रिपोर्ट के अनुसार, 25 साल की उम्र पार करते ही युवा गंभीर हो रहे हैं। वे रील्स और इन्फ्लुएंसर्स को देखने के बजाय करियर के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं।
