अमेरिका ने अपनी पसंद से अकेली ताकत बनने का विकल्प चुना

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने अपनी पसंद से अकेली ताकत बनने का विकल्प चुना है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को लंबे समय तक अमेरिका का भारी समर्थन हासिल था, लेकिन अब उसके बदले हुए रुख से यह व्यवस्था कमजोर हो रही है। अमेरिका और चीन की बढ़ती प्रतिस्पर्धा हर देश के प्रभाव को प्रभावित कर रही है। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत का रुख अब सिर्फ शांति की वकालत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत अब युद्ध समाप्त कराने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत दोनों देशों के बीच व्यावहारिक समाधान और मध्यस्थता की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत इस समय काला सागर में जहाजों की सुरक्षा, अनाज-ऊर्जा निर्यात, तथा दोनों देशों की तात्कालिक सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए मॉस्को और कीव दोनों के साथ निरंतर संपर्क में है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने म्यूनिख में आयोजित लीडर्स मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध में शत्रुता की समाप्ति के लिए व्यावहारिक विचारों पर निरंतर चर्चा कर रहा है। इससे पहले, पीएम मोदी द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध रोकने का संदेश दिए जाने के तुरंत बाद, भारत युद्ध रोकने के लिए विचार विकसित कर रहा है।

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