बिहार में हर 36 मिनट में लापता हो रहा एक बच्चा

बच्चों की गुमशुदगी

बिच्छू डॉट कॉम। बिहार में बच्चों की गुमशुदगी अब सिर्फ पुलिस रिकॉर्ड का एक आंकड़ा नहीं रह गई है। यह एक ऐसा मानवीय संकट बन चुका है, जिसने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से लेकर बाल संरक्षण संगठनों तक को चिंतित कर दिया है। राज्य में पिछले 13 वर्षों से बच्चों के गायब होने का सिलसिला लगातार जारी है। 2025 में बिहार से कुल 14,699 बच्चों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई। इनमें से 7,772 बच्चों को बरामद किया जा सका, लेकिन 6,927 बच्चे अब भी लापता हैं। यानी हर दूसरा परिवार आज भी अपने बच्चे की वापसी का इंतजार कर रहा है। उक्त आंकड़ों का विश्लेषण करें तो बिहार में हर महीने औसतन 1,225 बच्चे लापता हो रहे हैं। यह संख्या प्रतिदिन लगभग 40 बच्चों तक पहुंच जाती है। यानी हर घंटे 1.67 बच्चे और हर 36 मिनट में एक बच्चा अपने घर-परिवार से दूर हो रहा है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि लापता बच्चों में लड़कियों की संख्या बेहद अधिक है। वर्ष 2025 में लापता हुए 14,699 बच्चों में 12,526 लड़कियां और 2,173 लडक़े शामिल हैं। यानी कुल मामलों में 85.2 प्रतिशत हिस्सेदारी बेटियों की है।  बिहार से बच्चों को दूसरे राज्यों और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचाने के कई मामले सामने आ चुके हैं।

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