सीजेआई बोले- भूगोल से नहीं मिलती तरक्की, बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

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बिच्छू डॉट कॉम। नई दिल्ली में आयोजित 11वें ब्रिक्स+ लीगल फोरम को संबोधित करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक महत्वपूर्ण विचार सामने रखा। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि सिर्फ भूगोल की किस्मत या प्राकृतिक संसाधनों के भरोसे नहीं टिकी रह सकती। आर्थिक विकास को मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए न्याय-नॉमिक्स यानी न्याय के अर्थशास्त्र की जरूरत है। सीजेआई ने कहा कि कानूनी संस्थाएं विकास के आसपास बाद में खड़ा किया गया कोई ढांचा नहीं होतीं, बल्कि वे खुद विकास का मुख्य आधार और वास्तुकला होती हैं। अगर इस आधार को हटा दिया जाए, तो उभरती हुई अर्थव्यवस्था केवल सौभाग्य का एक ढेर नजर आएगी, जो किसी भी बड़े संकट में ढह सकती है। सीजेआई ने इस बात पर जोर दिया कि भारत समेत ब्रिक्स+ का कोई भी देश केवल अपने संसाधनों के बल पर आगे नहीं बढ़ा है। इन देशों का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि वहां वादों और समझौतों को कानूनी रूप से कितना मजबूती से लागू कराया जाता है।

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