रिपोर्ट: ग्रेजुएट होकर भी रोजगार के लिए भटक रहे युवा

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बिच्छू डॉट कॉम। देश में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले युवाओं की संख्या भले ही लगातार बढ़ रही हो, लेकिन पढ़ाई और रोजगार बाजार की जमीनी जरूरतों के बीच एक बड़ा फासला बना हुआ है। नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट ‘विकसित भारत-2047 के लिए कौशल की पुनर्कल्पना’ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि केवल 8.25 फीसदी ग्रेजुएट्स को ही उनकी शैक्षणिक योग्यता के मुताबिक नौकरी मिल पा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों के पुराने सिलेबस और इंडस्ट्री में आ रहे आधुनिक बदलावों के बीच तालमेल की कमी ही इस संकट की मुख्य वजह है। युवाओं के पास डिग्रियां तो हैं, लेकिन कॉर्पोरेट और बाजार की जरूरत के हिसाब से व्यावहारिक कौशल नहीं हैं। नतीजतन, डिग्री या डिप्लोमा पूरा करने के बाद भी युवाओं को रोजगार के लिए अलग से ट्रेनिंग लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार बीए, बीकॉम और बीएससी जैसी पारंपरिक डिग्रियां आज भी उपयोगी हैं, लेकिन एंट्री-लेवल नौकरियों में कंपनियां सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देखतीं। आज के दौर में युवाओं के पास डिग्री के साथ-साथ ये व्यावहारिक क्षमताएं होना अनिवार्य हो गया है।

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