
रूस की तरफ से भारत को सीधा रेल रूट के जरिए जोड़ने पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में रूस के उप-प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने दोनों देशों के बीच एक संभावित रेल लिंक खड़ा करने पर गहराई से विचार की बात कही। उन्होंने इसके लिए विकल्प के तौर पर संभावित कुछ मार्ग भी सुझाए हैं। मजेदार बात यह है कि रूस और भारत के बीच एक सीधा रेल मार्ग खड़ा करने की यह चर्चाएं कोई नई नहीं हैं। इससे पहले भी दोनों देश व्यापार के लिए रेल आधारित मार्ग बनाने पर बात कर चुके हैं। व्यापार का कुछ हिस्सा रेल मार्ग के जरिए आता-जाता भी है, हालांकि यह मार्ग फिलहाल सीमित है और दोनों देशों के अंदर तक ही स्थित है, न कि अंतर्देशीय है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही बाल्टिक और बैरेंट्स सागर से लेकर सीधे हिंद महासागर तक एक सीधे रेलवे कॉरिडोर को स्थापित करने की विशाल बुनियादी ढांचा योजना की घोषणा कर चुके हैं। रूस के अधिकारियों के मुताबिक, घोषित प्रोजेक्ट का मकसद आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करना है जो मिस्र के पास वाले रास्ते- स्वेज नहर की तुलना में शिपिंग समय को लगभग आधा कर देगा और माल ढुलाई के खर्च को काफी कम करेगा। ताजा बयान रूस उप-प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन का है, जिन्होंने बीते हफ्ते भारत तक एक सीधे रेल मार्ग के प्रस्ताव को व्यावहारिक बताया और कहा है कि इस रेल लिंक की संभावनाओं को तलाश जाना चाहिए ।
