सरकार सख्त: सभी विभागों को डीपीसी कराने के निर्देश

  • प्रमोशन में देरी पर जीएडी ने तय की समय-सीमा

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने विभागों को पदोन्नति से जुड़े मामलों में समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने और पात्र कर्मचारियों को निर्धारित समय पर पदोन्नति का लाभ देने के निर्देश दिए हैं। नए निर्देशों के मुताबिक विभागीय पदोन्नति समिति यानी डीपीसी की बैठक सितंबर से नवंबर के बीच कराना जरूरी होगा। इसका उद्देश्य आगामी अवधि में संभावित रूप से खाली होने वाले पदों को ध्यान में रखते हुए समय रहते पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करना है।
अधीनस्थ कार्यालयों को भी जारी होंगे निर्देश: सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश तत्काल जारी करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंत्रालय से लेकर अधीनस्थ कार्यालयों तक पदोन्नति की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा और नियमों के अनुसार पूरी हो। सरकार का फोकस सभी स्तरों पर प्रक्रिया में एकरूपता और समयबद्धता बनाए रखने पर है।
कर्मचारियों के लिए क्या है अहम: मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए इस निर्देश का सबसे महत्वपूर्ण पहलू डीपीसी की समयसीमा है। विभागों को सितंबर से नवंबर के बीच डीपीसी आयोजित करने की व्यवस्था के अनुसार तैयारी करनी होगी, जबकि संभावित रिक्तियों को ध्यान में रखकर पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि, वास्तविक पदोन्नति संबंधित विभाग के नियमों, पात्रता, रिक्त पदों और डीपीसी की अनुशंसा के आधार पर ही होगी।
सरकार ने कहा है कि वर्ष 2026 में हुई ऐसी अप्रत्याशित रिक्तियां, जिन्हें प्रतीक्षा सूची से नहीं भरा जा सका है, और 31 दिसंबर 2026 तक होने वाली संभावित रिक्तियों को भरने के लिए डीपीसी की बैठक की जानी थी। जिन विभागों ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें तत्काल डीपीसी कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, जिन विभागों ने 31 दिसंबर 2025 तक की रिक्तियों के साथ 31 दिसंबर 2026 तक की प्रत्याशित रिक्तियों को भरने की कार्रवाई पहले ही कर ली है, उन्हें दोबारा डीपीसी कराने की जरूरत नहीं होगी।
संभावित रिक्तियों को ध्यान में रखकर होगी कार्रवाई
सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार विभागों को 31 दिसंबर 2027 तक संभावित रिक्त होने वाले पदों को ध्यान में रखते हुए पदोन्नति की कार्रवाई करनी होगी। इसके अलावा वर्ष 2026 के दौरान सामने आने वाली अप्रत्याशित रिक्तियों को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत शामिल किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से विभागों को पहले से संभावित रिक्तियों का आकलन करने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए आवश्यक प्रक्रिया और सूची तैयार की जा सकेगी।
पात्र कर्मचारियों का प्रमोशन समय पर करने पर जोर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए। संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा में डीपीसी की बैठक पूरी करने और लागू नियमों के अनुसार पदोन्नति आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है जिनकी पदोन्नति पात्रता पूरी होने के बावजूद विभागीय प्रक्रिया के कारण लंबित रहती है।
विभागों को पहले से तैयार करनी होगी पदोन्नति प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत विभागों को संभावित रिक्तियों का आकलन पहले से करना होगा। इसके बाद संबंधित पदों के लिए पात्र कर्मचारियों की जानकारी और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को तैयार कर डीपीसी के समक्ष रखा जाएगा। समयसीमा तय होने से विभागों को पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर पहले से तैयारी करने और निर्धारित अवधि में आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई पूरी करने में सुविधा होगी।

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