सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में बैठने की जरूरत नहीं

  • टीईटी की उलझन खत्म, कर्मचारी चयन मंडल के हाथ खड़े करने के बाद माशिमं को मिली जिम्मेदारी

गौरव चौहान
मध्य प्रदेश में सेवारत शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर करीब एक महीने से चल रही कवायद अब खत्म हो गई है। कर्मचारी चयन मंडल द्वारा ऑफलाइन परीक्षा कराने से इनकार किए जाने के बाद सरकार ने अब माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। परीक्षा ऑफलाइन मोड में होगी और इसे जनवरी 2027 से पहले कराने की तैयारी है। परीक्षा को लेकर सबसे अहम राहत उन शिक्षकों को मिलेगी, जो पहले ही सीटीईटी (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण कर चुके हैं। ऐसे शिक्षकों को मध्यप्रदेश की इस पात्रता परीक्षा में दोबारा बैठने की जरूरत नहीं होगी।
लोक शिक्षण संचालनालय ने सेवारत शिक्षकों के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर 2026 तय की है। आवेदन पहले की तरह कर्मचारी चयन मंडल के पोर्टल के माध्यम से ही भरे जाएंगे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों को आवेदन के लिए पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। परीक्षा में वे सेवारत शिक्षक शामिल होंगे, जिन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है। इसमें प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर कार्यरत विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक शामिल हैं।
नए जिलों के शिक्षकों के लिए भी व्यवस्था
नए बनाए गए जिलों के शिक्षकों के लिए भी परीक्षा केंद्र की व्यवस्था स्पष्ट कर दी गई है। पांढुर्णा के शिक्षक पूर्ववत छिंदवाड़ा और मऊगंज के शिक्षक रीवा जिले के परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे सकेंगे। यदि किसी जिले में परीक्षार्थियों की संख्या बहुत कम रहती है तो माध्यमिक शिक्षा मंडल को समीपवर्ती जिले या संभागीय स्तर पर परीक्षा केंद्र आवंटित करने का अधिकार रहेगा।
माशिमं में तीन घंटे चली बैठक
सरकार द्वारा परीक्षा एजेंसी तय किए जाने के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शुक्रवार को कार्यालय खुलते ही परीक्षा समिति की करीब तीन घंटे बैठक हुई। इसमें दिसंबर में परीक्षा कराने की संभावनाओं और परीक्षा कार्यक्रम पर चर्चा की गई। मंडल के सामने यह चुनौती भी है कि टीईटी परीक्षा के कारण फरवरी में प्रस्तावित अन्य परीक्षाओं का कार्यक्रम प्रभावित न हो। इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा कैलेंडर तैयार किया जा रहा है।
शिक्षक संगठनों ने जताया विरोध
एक ओर सरकार परीक्षा की तैयारियों में जुटी है, वहीं शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध तेज कर दिया है। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष भरत पटेल ने शिक्षकों से परीक्षा के लिए आवेदन नहीं करने का आग्रह किया है। अध्यापक शिक्षक मोर्चा के संयोजक राकेश दुबे ने भी परीक्षा का विरोध करते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन की बात कही है।
किसे देनी होगी परीक्षा
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत प्राथमिक स्तर के सहायक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक, सहायक अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 और विज्ञान प्रयोगशाला शिक्षक तथा माध्यमिक स्तर के उच्च श्रेणी शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, अध्यापक और संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2, जिन्होंने निर्धारित पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है, उन्हें परीक्षा में शामिल होना होगा। वहीं सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को इस परीक्षा से छूट रहेगी। अशासकीय विद्यालयों में प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में पढ़ाने वाले शिक्षक भी पात्रता परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। शिक्षक जिस जिले में वर्तमान में कार्यरत हैं, सामान्यतः उसी जिला मुख्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। अब परीक्षा एजेंसी को लेकर बनी स्थिति साफ होने के बाद विभाग और माशिमं के सामने अगली चुनौती समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर परीक्षा आयोजित कराने की है।

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