त्योहार की थाली पर महंगाई का कब्जा

महंगाई का कब्जा
  • मिठाई से लेकर पकवान तक महंगे, दिवाली की खरीदारी में जेब ढीली

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। दिवाली पर घर में मिठाइयां बनेंगी या बाजार से आएंगी, मेहमानों की खातिरदारी कैसे होगी और रिश्तेदारों को ड्राईफ्रूट के गिफ्ट पैक कितने देने हैं, इस बार इन सबका हिसाब महंगाई तय कर रही है। त्योहार की तैयारियों के बीच किराना बाजार में कीमतों ने ऐसी तेजी पकड़ी है कि मिठाई से लेकर पकवान तक का खर्च बढ़ गया है। सूखे मेवे 30 फीसदी तक महंगे हुए हैं, वहीं आटा, बेसन, दाल और चावल जैसी रोजमर्रा की चीजों के दाम भी 20 से 25 फीसदी तक बढऩे की बात व्यापारी कह रहे हैं। इसका असर मिठाइयों की कीमतों पर भी दिख रहा है। काजू कतली 1000 से बढकऱ 1200 रुपए किलो तक पहुंच गई है, जबकि पेड़ा 350 से 450 रुपए किलो बिक रहा है। ड्राईफ्रूट की महंगाई ने दिवाली के गिफ्ट पैक का बजट भी बढ़ा दिया है। यानी इस बार त्योहार की मिठास खरीदने के लिए भी जेब पहले से ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।
ड्राईफ्रूट की कीमतों में तेजी का असर सीधे मिठाई कारोबार पर पड़ा है। काजू, बादाम और पिस्ता महंगे होने से काजू कतली सहित मेवों से तैयार होने वाली मिठाइयों की लागत बढ़ गई है। कारोबारियों के मुताबिक थोक बाजार से लेकर फुटकर दुकानों तक इसका असर पहुंच चुका है। राजधानी ड्राईफ्रूट एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर राजपूत का कहना है कि ड्राईफ्रूट के दामों में 25 से 30 फीसदी तक वृद्धि हुई है। इसका असर मिठाई और गिफ्ट पैक दोनों पर पड़ेगा।
तीन बड़े शहरों में भी महंगाई की मार: इंदौर में मिठाई, ड्राईफ्रूट, आटा, बेसन, दाल, चावल और घी तक के दाम बढ़े हैं। पिछले साल 600 रुपए किलो मिलने वाला घी अब 700 रुपए किलो बिक रहा है। बादाम के भाव में भी तेजी आई है। जबलपुर  में चना दाल के भाव 110 रुपए तक पहुंचने से बेसन 120 से 125 रुपए किलो बिक रहा है। बादाम 1000 से बढकऱ 1200 रुपए किलो और काजू 900 से बढकऱ 1000 से 1050 रुपए किलो तक पहुंच गया है। किशमिश के दाम 460 से बढकऱ 500 रुपए किलो हो गए हैं। आटा भी 25 से बढकऱ 36 रुपए किलो तक बिक रहा है। ग्वालियर में 10 किलो आटे का पैकेट 320 से बढकऱ 390 रुपए तक पहुंच गया है। मैदा 34 से 36 रुपए किलो और बेसन 80 से 100 रुपए किलो हो गया है। बादाम 1000 से बढकऱ 1300 रुपए और पिस्ता 1400 से बढकऱ 1800 रुपए किलो बिक रहा है।
आटा-दाल भी नहीं छोड़ रहे जेब का साथ
महंगाई केवल त्योहार में इस्तेमाल होने वाली खास चीजों तक सीमित नहीं है। आटा, बेसन, दाल और चावल जैसी रोजमर्रा की खाद्य सामग्री भी महंगी हुई है। व्यापारियों के अनुसार कम आवक, परिवहन लागत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आयात महंगा होने से कीमतों पर दबाव बना है। भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू के मुताबिक, बीते एक महीने में दाल, आटा सहित कई खाद्य सामग्रियों की कीमतों में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। उड़द और अरहर दाल के भाव में करीब 22 रुपए प्रति किलो तक का अंतर आया है।
त्योहार की खुशियों पर बजट का दबाव: दिवाली पर मिठाई, पकवान और उपहारों की खरीदारी हर परिवार के बजट का अहम हिस्सा होती है। लेकिन इस बार जरूरी खाद्य सामग्री से लेकर मेवों तक की कीमतें बढऩे से खर्च का हिसाब बिगड़ रहा है। इंदौर की गृहिणी साक्षी महेश्वरी और जबलपुर की गायत्री नामदेव का कहना है कि त्योहार से पहले ही आटा-दाल के भाव बढऩे से घरेलू बजट संभालना मुश्किल हो रहा है। इस बार बाजार में खरीदारी का उत्साह तो है, लेकिन ग्राहकों को हर सामान लेते समय कीमत का हिसाब लगाना पड़ रहा है। त्योहार की मिठास और मेहमाननवाजी के बीच महंगाई ने घरों का बजट जरूर फीका कर दिया है।

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