
बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बढ़ती संख्या के मुकाबले चार्जिंग स्टेशनों की संख्या नाकाफी है। परिवहन विभाग में पंजीकृत वाहनों की संख्या मप्र में 2 लाख से ज्यादा पहुंच गई है। जबकि इन वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की संख्या दो हजार से भी कम है। चार्जिंग स्टेशन कहां हैं, यह पता लगाने केंद्रीयकृत मोबाइल एप्लिकेशन (एप) भी बनाया जा रहा था, लेकिन वह भी तैयार नहीं हुआ। इंदौर जैसे शहर जहां 50 हजार से च्यादा ईवी वाहन हैं, चार्जिंग स्टेशन 50 ही हैं। ईवी नीति में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के रूप में विकसित करना है। घनी आबादी और शहरी क्षेत्रों में योजना को और सूक्ष्म स्तर पर ले जाते हुए हर एक किमी के ग्रिड में कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया, लेकिन पूरा होता नहीं दिख रहा है।
