मध्य प्रदेश में इस बार कम वर्षा होने से पन बिजली परियोजनाओं के उत्पादन पर असर पड़ा है। कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने से थर्मल पावर प्लांट भी प्रभावित हुए। इससे गांवों से लेकर शहर तक बिजली कटौती की जा रही है। इसका सबसे अधिक असर ग्रामीण अंचलों पर पड़ रहा है। खेतों में सिंचाई प्रभावित हुई है। पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों के बीच यह चर्चा का विषय रहा। विधायक भी अपने-अपने क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या को लेकर सरकार को पत्र लिख चुके हैं। हालांकि बिजली संकट की यह स्थिति 15 अक्टूबर तक ही रहेगी। इसकें बाद मप्र का बिजली संकट पंजाब दूर करेगा। मप्र ऊर्जा विभाग के अनुसार पंजाब, मध्य प्रदेश को प्रतिदिन 550 मेगावाट बिजली देगा। खरीफ के मौसम में मध्य प्रदेश जून से 550 मेगावाट बिजली प्रतिदिन पंजाब को दे रहा है। इतनी ही बिजली मप्र को 15 अक्टूबर से मार्च 2027 तक रबी के मौसम में अब पंजाब लौटाएगा।
14/10/2026
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