मप्र में 1.88 लाख घर बने ‘पावर स्टेशन’

सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना
  • सरकार का फोकस रूफटॉप सोलर पर
  • कोयले की बिजली से करीब तीन गुना कम लागत का दावा

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश में बिजली की बढ़ती जरूरत के बीच अब घरों की छतें ही छोटे बिजलीघर का रूप ले रही हैं। प्रदेश में 1.88 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, जिनसे करीब 750 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित हो गई है। सरकार अब प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के जरिए इस संख्या को और बढ़ाने की तैयारी में है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के मुताबिक रूफटॉप सोलर से बनने वाली बिजली की लागत करीब 2 रुपये प्रति यूनिट पड़ रही है, जबकि कोयले से बनने वाली बिजली की लागत करीब 6 रुपये प्रति यूनिट बताई गई है। यानी सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन की लागत कोयला आधारित बिजली के मुकाबले करीब एक-तिहाई है। इसी लागत अंतर को देखते हुए सरकार घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा दे रही है। रवीन्द्र भवन में सेवा सेतु अभियान के तहत आयोजित शिविर में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्रवार लक्ष्य तय कर उन्हें शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने योजना के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने और जहां भी तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें दूर करने को कहा। सरकार की कोशिश है कि योजना केवल कागजों पर सीमित न रहे, बल्कि अधिक से अधिक घरेलू उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें। रूफटॉप सोलर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ता अपने घर की बिजली की जरूरत का एक हिस्सा खुद पूरा कर सकता है। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होती है और बिजली बिल में भी राहत मिल सकती है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि सौर ऊर्जा की लागत कम होने के साथ इसका पर्यावरणीय लाभ भी है। कोयला आधारित बिजली उत्पादन में ईंधन की आवश्यकता और प्रदूषण दोनों बढ़ते हैं, जबकि सौर ऊर्जा सूर्य के प्रकाश से तैयार होती है। उनके मुताबिक घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने से बिजली का उत्पादन स्थानीय स्तर पर ही किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुडऩे की अपील की।
750 मेगावाट क्षमता हुई तैयार
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने बताया कि प्रदेश में अब तक 1.88 लाख रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। इनसे करीब 750 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित हुई है। शिविरों के जरिए उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी देने के साथ सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया, लागत और उससे मिलने वाले लाभ के बारे में भी बताया जा रहा है।
देश में 51 लाख घरों तक पहुंची योजना
आरईसी के पदाधिकारी विजय कुलकर्णी के अनुसार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत देशभर में एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 51 लाख घरों में सौर पैनल लगाए जा चुके हैं। शिविर में लोगों को सौर ऊर्जा के उपयोग और योजना की जानकारी वीडियो के माध्यम से दी गई। मंत्री ने सोलर पैनल से संबंधित स्टॉल का निरीक्षण भी किया।करीब 2 रुपये प्रति यूनिट की लागत के दावे के साथ सरकार इसे घरेलू बिजली खर्च घटाने और भविष्य की बिजली जरूरतों का दबाव कम करने के विकल्प के रूप में आगे बढ़ा रही है। 

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