
- राज्य में विकास कार्यों को गति देने 3000 करोड़ रुपये का ऋण जुटाने जा रही सरकार
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश सरकार राज्य में विकास कार्यों को गति देने, अवस्थापना (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से 3000 करोड़ रुपये का वित्तीय संसाधन (ऋण) जुटाने जा रही है। इस राशि को 1000-1000 करोड़ रुपये के तीन सुव्यवस्थित चरणों में लिया जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को नीलामी प्रक्रिया बाजार से सबसे कम दर पर ब्याज पर प्रदेश सरकार को ऋण स्वीकृत किया है। यह ऋण भारत सरकार की तय सीमा 3 प्रतिशत के अंतर्गत ही लिया गया है। उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय प्रबंधन के इस कदम को राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए दूरदर्शी और अत्यंत सकारात्मक फैसला बताया है। भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से प्राप्त होने वाला यह ऋण प्रदेश के आधारभूत ढ़ांचे जैसे सडक़ निर्माण, पुल-पुलिया निर्माण, भू-अर्जन क्षेत्र, सिंचाई परियोजनाएं, बांध निर्माण, मेडिकल सेक्टर, विद्युत क्षेत्र, भवेन निर्माण एवं आमजन की सुरक्षा से संबंधित कार्य किए जाएंगे।
वित्तीय प्रबंधन एवं विकास रणनीति के मुख्य बिंदु
वित्तीय वर्ष 2026-व में निर्धारित ऋण 27 सीमा के अंतर्गत बाजार परिस्थितियों के अनुसार 1000-1000 करोड़ रुपये की तीन किस्तों में यह राशि जुटाई जाएगी, जिसमें कम ब्याज दर पर बेहतर प्रबंधन हो सके। आर्थिक गतिविधियों के बुनियादी ढांचे में पूंजीगत निवेश होने से राज्य में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
विकास कार्यों में व्यय की जाती है ऋण राशि
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि ऋण राशि का उपयोग राजस्व व्यय जैसे वेतन भत्ते, लाडली बहना योजना, पेंशन, प्रशासनिक व्यय, सीएम किसान कल्याण निधि एवं अनुदान राज्य सहायता में नहीं किया जाता है। मंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि सरकार ऋण लेकर पूंजीगत कार्यों में व्यय करती है। इससे जीएसडीपी बढ़ती है और जीएसडीपी बढ़ने से प्रदेश के आम नागरिकों की आय भी बढ़ती है। इससे विकास परियोजनाओं की ग्रोथ और प्रदेश में समृद्धि आती है। किसी भी प्रदेश में ऋण लेकर विकास कार्यों में लगाना प्रदेश को विकासोन्मुखीकरण की ओर ले जाना है। वित्तीय अनुशासन और आरबीआई की निर्धारित सीमाओं के तहत ली जा रही यह राशि पूरी तरह से राज्य के विकास कार्यों में निवेश की जाएगी।
मजबूत वित्तीय स्थिति का प्रमाण
उप-मुख्यमंत्री देवड़ा ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित राजकोषीय जवाबदेही एवं बजट प्रबंधन सीमा 3 प्रतिशत के भीतर ही यह वित्तीय प्रबंधन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश का जीएसडीपी अनुपात मजबूत स्थिति में है और राज्य सरकार समय पर ऋण भुगतान का बेहतरीन रिकॉर्ड बनाए हुए है। वित्तीय रणनीति से प्रदेश में चल रहे विकास प्रोजेक्ट्स में और तेजी आएगी, जिससे विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को सीधे मजबूती मिलेगी।
