
- कमजोर सीटों पर भाजपा का फोकस
गौरव चौहान/भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश भाजपा ने 2027 के नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच संगठन की कमजोर कड़ियों को चिन्हित कर उन पर काम शुरू करने का संकेत दिया है। प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव की अध्यक्षता में हुई पहली कोर ग्रुप बैठक में चुनावी रणनीति का केंद्र वे सीटें रहीं, जहां पार्टी या तो पिछला विधानसभा चुनाव हार गई थी या बहुत कम अंतर से जीत दर्ज कर पाई थी। इसके साथ ही संगठन में पद पाने के लिए बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क भी महत्वपूर्ण कसौटी बनाने पर जोर दिया गया। करीब तीन घंटे चली बैठक में पिछले विधानसभा चुनाव के परिणामों की समीक्षा करते हुए उन 66 सीटों पर विशेष चर्चा हुई, जहां भाजपा को हार मिली थी। इसके अलावा पांच हजार या उससे कम मतों के अंतर से जीती गई सीटों को भी संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए अलग रणनीति बनाने पर विचार किया गया। बैठक में यह बात सामने आई कि कम अंतर से जीती सीटों को सुरक्षित मानकर चलने के बजाय वहां संगठन को और मजबूत करने की जरूरत है।
प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव ने संगठन के स्तर पर इन सीटों को प्राथमिकता देने की बात कही। आने वाले समय में कांग्रेस के कब्जे वाली 66 सीटों और कम अंतर से जीती गई भाजपा की सीटों को जोड़कर अलग-अलग स्तर पर तैयारी की जाएगी। इसका उद्देश्य बूथ स्तर पर संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की जानकारी के आधार पर रणनीति तैयार करना होगा।
संगठन में पद के लिए बूथ संपर्क बनेगा कसौटी
बैठक का एक महत्वपूर्ण फोकस संगठन में जिम्मेदारियां तय करने के तरीके पर रहा। चर्चा में कहा गया कि भविष्य में पदाधिकारियों का चयन करते समय केवल राजनीतिक या संगठनात्मक अनुभव ही नहीं, बल्कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से उनके सीधे संपर्क को भी देखा जाएगा। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि जिस नेता को संगठन की जिम्मेदारी दी जाए, उसका कार्यकर्ताओं के बीच नियमित संपर्क और सक्रिय उपस्थिति हो। इसके लिए पदाधिकारियों की कार्यशैली और बूथ स्तर पर उनकी पहुंच की जानकारी जुटाने पर भी जोर दिया गया। प्रदेश प्रभारी के भोपाल दौरे में इसका असर भी दिखाई दिया। पार्टी कार्यालय में बैठकों तक सीमित रहने के बजाय देव और सहप्रभारी रेखा वर्मा ने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद किया। संगठन के लिहाज से इसे कार्यकर्ताओं की जमीनी प्रतिक्रिया सीधे नेतृत्व तक पहुंचाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
वरिष्ठ नेताओं की बयानबाजी भी एजेंडे में
बैठक में पार्टी और सरकार की छवि को प्रभावित करने वाले सार्वजनिक बयानों को लेकर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के ऐसे बयानों पर आपत्ति जताई गई, जिनसे संगठन के भीतर असहज स्थिति बनती है या सरकार की छवि प्रभावित होती है। प्रदेश प्रभारी ने राजनीतिक शिष्टाचार और संगठनात्मक अनुशासन को प्राथमिकता देने की बात कही। वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से सार्वजनिक बयान देते समय संयम बरतने की अपेक्षा जताई गई। बैठक में यह भी संकेत दिया गया कि लगातार अनुशासनहीन बयानबाजी सामने आने पर प्रदेश नेतृत्व कार्रवाई कर सकता है।
2027 के चुनावों की जमीन तैयार करने पर जोर
कोर ग्रुप में सरकार और संगठन के बीच समन्वय के अलावा 2027 में प्रस्तावित नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों समेत 20 से अधिक विषयों पर चर्चा हुई। सरकार के कामकाज और जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने तथा संगठन के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार के जनकल्याण और विकास कार्यों की जानकारी बैठक में रखी। साथ ही आने वाले समय में किन मुद्दों को लेकर भाजपा जनता के बीच जाएगी, इस पर भी चर्चा हुई।
कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर भी नजर
पार्टी के भीतर पिछले कुछ समय से कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से जुड़ी शिकायतों पर भी नेतृत्व का ध्यान रहा है। सरकार और संगठन के बड़े नेताओं से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे अपने प्रभार वाले जिलों और संगठनात्मक क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं से नियमित संवाद रखें। इसी क्रम में भाजपा कार्यालय में मंत्रियों की बैठक और कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई है। संगठन स्तर पर भी पदाधिकारियों को कार्यकर्ता सम्मेलनों और बूथ स्तर के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए जा रहे हैं।
वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात
भोपाल प्रवास के दौरान बिप्लब कुमार देव ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के साथ संगठन और मध्यप्रदेश से जुड़े समसामयिक राजनीतिक विषयों पर चर्चा हुई। वहीं प्रदेश की सह प्रभारी रेखा वर्मा ने अरेरा मंडल के वार्ड क्रमांक 48 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनका सम्मान किया। इस दौरान पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह सहित भाजपा के अन्य नेता मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने पिता माधवराव सिंधिया की पुण्यतिथि के कार्यक्रम के कारण कोर ग्रुप की बैठक में शामिल नहीं हो सके।
