कृषि-ग्रीन बेल्ट भूमि को आवासीय करने की मांग

कृषि-ग्रीन बेल्ट भूमि
  • भोपाल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट: अब तक 185 आपत्तियां
    भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
    । भोपाल के प्रस्तावित मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को लेकर दावा-आपत्तियों का दौर जारी है। ड्राफ्ट जारी होने के बाद शुरुआती पांच दिनों में ही कुल 185 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। ये आपत्तियां ऑनलाइन, ऑफलाइन और ईमेल के माध्यम से दर्ज कराई गई हैं। इनमें सडक़ के अलाइनमेंट, 18 मीटर चौड़ी सडक़, बाघ मूवमेंट एरिया और जमीन के उपयोग में बदलाव से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। 18 मीटर सडक़ और अलाइनमेंट को लेकर सबसे ज्यादा आपत्तियां: मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में प्रस्तावित सडक़ों के अलाइनमेंट और 18 मीटर चौड़ी सडक़ को लेकर बड़ी संख्या में आपत्तियां सामने आई हैं। कुछ क्षेत्रों में लोगों ने सडक़ की प्रस्तावित दिशा और चौड़ाई में बदलाव की मांग की है। इसके अलावा बाघों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों से प्रस्तावित सडक़ को हटाने की मांग भी आपत्तियों में प्रमुखता से शामिल है। आपत्तिकर्ताओं का कहना है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सडक़ निर्माण से वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ग्रीन बेल्ट और कृषि भूमि को आवासीय करने पर भी विरोध: मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में ग्रीन बेल्ट और कृषि भूमि के उपयोग को आवासीय क्षेत्र में बदलने से जुड़े प्रस्तावों पर भी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। संबंधित क्षेत्रों के लोगों ने भूमि उपयोग में प्रस्तावित बदलावों को लेकर अपनी आपत्ति प्रशासन के समक्ष रखी है। आसपास के गांवों में ऐसी बसाहट वाली जगहों को लेकर भी आपत्तियां सामने आई हैं, जिन्हें प्रस्तावित प्रतिबंधित जोन में शामिल किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े लोगों की ओर से मौजूदा बसाहट को ध्यान में रखते हुए जोन निर्धारण पर पुनर्विचार की मांग की जा रही है।
    लहारपुर की 600 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि का मुद्दा
    लहारपुर क्षेत्र से जुड़ी आपत्ति भी महत्वपूर्ण है। यहां करीब 30 वर्षों से 600 एकड़ से अधिक कृषि भूमि को डूब क्षेत्र से बाहर किए जाने से संबंधित मांग सामने आई है। इस भूमि के वर्तमान उपयोग और मास्टर प्लान में उसके प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है।
    25 अक्टूबर तक दर्ज कराई जा सकती हैं आपत्तियां
    मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर निर्धारित है। ऐसे में आने वाले दिनों में आपत्तियों की संख्या और बढऩे की संभावना है। प्राप्त आपत्तियों में सडक़ नेटवर्क, पर्यावरण और वन्यजीव क्षेत्र, भूमि उपयोग, कृषि भूमि तथा ग्रामीण बसाहट से जुड़े अलग-अलग मुद्दे शामिल हैं। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित विभाग इन आपत्तियों और सुझावों का परीक्षण करेगा। इसके बाद मास्टर प्लान के अंतिम स्वरूप को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
    मास्टर प्लान में पार्किंग स्पेस बढ़ाए जाने पर जोर
    विकास योजना के कियान्वयन का प्रभावी पर्यवेक्षण रियल टाईम पर्यवेक्षण संभव हो सके और अप्राधिकृत निर्माण तथा नगर की मोबिलिटी एवं क्रियान्वयन की समस्याओं का यथासमय निराकरण हो सके, इसके लिए डिजिटल ट्विन सिटी की व्यवस्था रखे जाने के प्रस्ताव भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में दिए गए हैं. मास्टर प्लान ड्राफ्ट में शहर की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो सके, इसके लिए भी प्रावधान रखे गए हैं. इसमें सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए निजी सीसीटीवी कैमरों की नेटवर्किंग, सार्वजनिक भवनों की बाउण्ड्री वॉल को पारदर्शी रखने, सुरक्षित यातायात व्यवस्था के प्रावधान सम्मिलित हैं. भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में मल्टीलेवल पार्किंग, मेकेनाईज्ड पार्किंग, सामुदायिक खुले क्षेत्रों के नीचे पार्किंग की व्यवस्था, आरओबी-फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग व्यवस्था, सार्वजनिक मार्गो पर आरडब्ल्यूए द्वारा पार्किंग शुल्क लेने के लिए प्रावधान, बेसमेंट पार्किंग के लिए भूखण्डों का संयुक्तिकरण मान्य किए जाने जैसे प्रावधान रखे गए हैं।

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