
बिच्छू डॉट कॉम। देश में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इंडियन जर्नल ऑफ ऑक्यूपेशनल एंड एनवायरनमेंटल मेडिसिन की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में देश के 60.9 फीसदी डॉक्टरों ने अपने कार्यस्थल यानी अस्पताल में हिंसा का सामना किया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि डर या कार्रवाई न होने की आशंका के कारण 48 फीसदी डॉक्टरों ने ऐसी घटनाओं की शिकायत अधिकारियों से की ही नहीं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि दो-तिहाई डॉक्टरों पर हमले रात के समय होते हैं। हिंसा की मुख्य वजह इलाज से नाराजगी और कहासुनी रही, जबकि सबसे ज्यादा हमले ओटी और आईसीयू जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में दर्ज किए गए। सरकारी डॉक्टरों में से 63.5 प्रतिशत और निजी डॉक्टरों में से 56.9 फीसदी ने हिंसा झेली। पुरुष 64.7 प्रतिशत, महिलाएं 52.9 फीसदी शिकार रहीं।
