
बिच्छू डॉट कॉम। देश के प्रमुख वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक संयुक्त मंच ने केंद्र सरकार से नीतियों को वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित बनाने का आह्वान किया है। मुंबई में आयोजित इंडिया मार्च फॉर साइंस के दौरान जारी एक अपील में केंद्र के समक्ष तीन प्रमुख मांगे रखी गई हैं। वैज्ञानिकों ने पर्याप्त लाइफ-साइकिल एनवायरनमेंटल असेसमेंट और आवश्यक बुनियादी ढांचे की कमी का हवाला देते हुए ई-20 पेट्रोल के रोलआउट को तुरंत स्थगित करने की मांग की है। साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की सिफारिश की गई है। यही नहीं, देशभर में काला जादू और छद्म विज्ञान के खिलाफ एक कठोर राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग की गई है। हस्ताक्षरकर्ताओं ने मांग की है कि केंद्रीय बजट का कम से कम 10 फीसदी और राज्य बजट का न्यूनतम 30 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित किया जाए। साथ ही रिसर्च पर होने वाले कुल खर्च को जीडीपी के मौजूदा 0.7 से बढ़ाकर 3 फीसदी किया जाए।
