पीसी का 31 घंटे का उपवास खत्म, सरकार को दी चेतावनी

  • जीतू पटवारी ने जूस पिलाकर कराया समाप्त, बोले- व्यर्थ नहीं जाएगा उपवास

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
राजधानी में मास्टर प्लान की मांग को लेकर शुक्रवार को शुरू हुआ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का उपवास शनिवार को पूरा हो गया। शर्मा कल सुबह 10 बजे से 31 घंटे के उपवास पर बैठे थे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने दोपहर करीब एक बजे जूस पिलाकर उपवास खत्म करा दिया। इस दौरान पटवारी ने पूर्व मंत्री शर्मा और दो अन्य साथियों को भरोसा दिलाया कि उपवास व्यर्थ नहीं जाएगा। तीन महीने में सरकार ने भोपाल का मास्टर प्लान लागू नहीं किया तो 50 हजार लोगों के साथ इंदौर से भोपाल तक पैदल मार्च कर सीएम हाउस का घेराव कांग्रेस करेगी। मास्टर प्लान न होने से पूरे शहर में व्यापारियों पर छाए संकट को देखते हुए पूर्व मंत्री शर्मा रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस कार्यालय के सामने 31 घंटे के उपवास पर बैठे थे। उनके साथ कांग्रेस नेता चंद्रकांत दुबे और शोएब भी उपवास पर रहे। दोपहर में पहुंचे पीसीसी चीफ ने तीनों को जूस पिलाकर उपवास तुड़वाया। हालांकि शर्मा शाम तक उपवास पर रहना चाहते थे। बताया जाता है पूर्व सीएम दिग्विजय भी दतिया से लौटकर शाम को धरना स्थल पर पहुंचने वाले थे। मगर पीसीसी चीफ की कुछ अन्य कार्यक्रमों में व्यस्तता थीं। उपवास तुड़वाने के बाद पीसीसी चीफ ने कहाकि भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार आवाज उठाती रही है। भोपाल के मास्टर प्लान की मांग को लेकर व्यापारियों के साथ विधायक आरिफ मसूद ने भी आंदोलन किया है।
राहुल के कार्यक्रम का किराया लेने पर हमला
पीसीसी चीफ पटवारी ने 19 सितंबर को इंदौर आ रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम छात्रों की गूंज के लिए आईडीए द्वारा 10 लाख 8 हजार किराया लेने पर राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने इसे सोच का अंतर बताते हुए कहा कि स्व.अटल बिहारी वाजपेयी जब नेता प्रतिपक्ष के रूप में भोपाल आते थे, तब कांग्रेस सरकार उन्हें कार्यक्रम की अनुमति देती थी और उनके कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें सुनती थी। लेकिन आज राज्य सरकार द्वारा नेता प्रतिपक्ष के कार्यक्रम के लिए मैदान का किराया ले रही है। जबकि यह कार्यक्रम छात्रों व युवाओं से जुड़ा है।
भोपाल मास्टर प्लान पर क्या बोले जयवर्धन सिंह
बता दें कि भोपाल में मास्टर प्लान को लेकर जयवर्धन सिंह की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सीएम कमलनाथ के कार्यकाल में भोपाल मास्टर प्लान 2031 तैयार कर 6-7 मार्च 2020 को प्रस्तुत किया गया था। लेकिन भाजपा सरकार ने आज तक इसे लागू नहीं किया। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि मास्टर प्लान लागू न होने के कारण राजधानी भोपाल के रहवासी, व्यापारी और आम नागरिक लगातार परेशान हैं। शहर की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है, रोजगार व लोगों का दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि हमारी स्पष्ट मांग है कि भोपाल के सुनियोजित विकास, नागरिकों की सुविधा और शहर की अर्थव्यवस्था, व्यापार को गति देने के लिए भोपाल मास्टर प्लान को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

Related Articles