सीईए का दावा: अब कोयला संकट! देश में सिर्फ नौ दिन का स्टॉक बचा

कोयला संकट

बिच्छू डॉट कॉम। देश में भारी बिजली मांग और मानसून के कारण कोयला आपूर्ति प्रभावित होने से थर्मल पावर प्लांट्स में स्थिति गंभीर बनी हुई है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 190 ताप विद्युत संयंत्रों (कुल क्षमता 223.9 गीगावाट) में से 50 संयंत्रों में कोयले का स्टॉक क्रिटिकल यानी गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। उपलब्ध कोयला स्टॉक मानक आवश्यकता 57.7 मिलियन टन का महज 28.2 एमटी ही बचा है, जो 85 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर केवल 9 दिनों की आपूर्ति के लिए पर्याप्त है। 85 फीसदी प्लांट लोड फैक्टर पर दैनिक कोयला आवश्यकता 3.1 मिलियन टन है, जबकि वास्तविक दैनिक खपत लगभग 2.4 मिलियन टन है। अंतर-मंत्रालयी टीम रोजाना इन संयंत्रों की निगरानी कर रही है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सीईए के नियमों के तहत किसी प्लांट को क्रिटिकल घोषित करना एक नियमित निगरानी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका मतलब केवल यह है कि उन पर पैनी नजर रखी जाए।

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