
बिच्छू डॉट कॉम। चेन्नई स्थित मद्रास हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवादों और पति-पत्नी के साथ रहने से जुड़े मामलों पर सुनवाई के दौरान एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी परिस्थिति में यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि पत्नी अपना सब कुछ त्यागकर साए की तरह हमेशा अपने पति के पीछे-पीछे रहे। यह अहम फैसला जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस एमडी सुमति की खंडपीठ द्वारा एक पारिवारिक मामले की सुनवाई के दौरान सुनाया गया, जिसमें वैवाहिक जीवन की वास्तविकताओं और पति-पत्नी के व्यक्तिगत अधिकारों पर रोशनी डाली गई है। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने व्यावहारिक सच्चाइयों को सामने रखते हुए उदाहरण दिया कि हर परिस्थिति में पत्नी को अपने साथ ले जाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होता। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात पर रही, वह उनका वोडाफोन के विज्ञापन वाला पग कुत्ता तंज था। अदालत ने तीखा तंज कसा कि पत्नी से यह अपेक्षा कतई नहीं की जानी चाहिए कि वह पुराने समय के प्रसिद्ध वोडाफोन विज्ञापन वाले उस वफादार पग कुत्ते की तरह व्यवहार करे, जो हर समय और हर जगह अपने मालिक के पीछे-पीछे घूमता रहता है।
