
प्रदेश सरकार की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी को उनके जाति प्रमाण पत्र मामले में बड़ी राहत मिली है। राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने जांच के बाद उनके जाति प्रमाण पत्र को वैध माना है और फर्जीवाड़े से जुड़े आरोपों को खारिज कर दिया है। समिति ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि प्रतिमा बागरी का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र नियमानुसार जारी किया गया था। बता दें कि यह मामला कांग्रेस के प्रदीप अहिरवार द्वारा उठाया गया था। उन्होंने शिकायत कर आरोप लगाया था कि प्रतिमा बागरी ने गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र प्राप्त कर आरक्षण का लाभ लिया और उसी आधार पर चुनाव लड़ा। इसके बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश पर छानबीन समिति ने मामले की जांच शुरू की थी। समिति ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों से दस्तावेज और साक्ष्य प्राप्त किए तथा उनके परीक्षण के बाद अंतिम निर्णय सुनाया।
