48 घंटे में 20 हजार से ज्यादा… पुलिसकर्मी होंगे प्रमोट

पुलिसकर्मी
  • एमपी पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर होंगे प्रमोशन

    भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम।
    प्रदेश के सरकारी महकमों की तरह पुलिस में भी बीते 10 साल से अटके रेगुलर प्रमोशन को लेकर गुरुवार को डीजीपी कैलाश मकवाणा ने प्रदेश की सभी 120 पुलिस यूनिट के आला अफसरों की वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) बुलाई। पीएचक्यू में हुई इस वीसी के दौरान डीजीपी ने सभी अफसरों से साफ कहा कि ये हर हाल में प्रमोशन के लिए फिट लिस्ट शाम तक पीएचक्यू की एडमिन शाखा को भेजें। इसके साथ ही उन्होंने सभी ब्रांचों से कहा है कि वे दो दिनों के भीतर सभी योग्य पुलिसकर्मियों के प्रमोशन ऑर्डर जारी करें। आरक्षक से प्रधान आरक्षक के स्तर पर यूनिट और प्रधान आरक्षक से एएसआई, एएसआई से सब-इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर, सूबेदार से रक्षित निरीक्षक और अनुसचिवीय बल के प्रमोशन ऑर्डर पीएचक्यू से जारी किए जाएंगे। इसके अलावा इंस्पेक्टर से डीएसपी स्तर के प्रमोशन ऑर्डर गृह विभाग जारी करेगा।
    16,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों का खत्म होगा इंतजार
    पुलिस विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डीजीपी ने वीसी में शामिल हुए सभी रेंज, जोन, जिलों और बटालियनों के अफसरों से साफ कहा कि इस काम को फिलहाल सर्वोच्च प्राथमिकता दें। दोपहर 12 बजे से लगभग एक घंटे तक चली वीसी में डीजीपी ने कहा कि लगभग 16 हजार से अधिक पदों पर प्रमोशन का काम अगले दो दिनों के भीतर निपटा लिया जाए। एमपी पुलिस में हेड कांस्टेबल के 8,250 और एएसआई के 5,175 पदों के साथ ही एसआई के 2,000 और इंस्पेक्टर के लगभग 800 पद भी प्रमोशन के जरिए भरे जाएंगे। इन प्रमोशन लिस्ट में उच्च पद पर कार्यवाहक के तौर पर काम कर रहे पुलिसकर्मियों का नाम भी शामिल होगा और बाकी बचे पदों को फिट लिस्ट के जरिए प्रमोट किया जाएगा। कार्यवाहक पदों पर काम कर रहे पुलिसकर्मियों के प्रमोट होने के बाद उनके पदनाम के आगे से कार्यवाहक शब्द हटा दिया जाएगा।
    24 घंटे में मांगी थी जानकारी
    प्रमोशन में हो रही देरी को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने विगत दिनों सख्ती दिखाई थी। इसके बाद बुधवार की शाम पीएचक्यू की एडमिन शाखा ने सभी यूनिटों को लिखित निर्देश जारी कर 24 घंटे के भीतर ऐसे पुलिसकर्मियों की जानकारी तलब की थी, जिनका प्रमोशन ड्यू है। इसके साथ ही यह भी साफ कर दिया था कि फिट लिस्ट में शामिल किसी भी पुलिसकर्मी की जानकारी न देने या फिर धुंधली और अस्पष्ट जानकारी भेजने पर संबंधित स्थापना स्टाफ को जिम्मेदार माना जाएगा। इसके बाद कई यूनिटों ने बुधवार की पूरी रात ऑफिस में रहकर अपनी सूचियां फाइनल कर पीएचक्यू को भेज दी हैं। पुलिस महकमे में 2016 के बाद से कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण प्रमोशन अटके हुए थे, जिसके कारण 2023 से पुलिस महकमे में उच्च स्तर का कार्यवाहक प्रभार दिया जा रहा था। हालांकि, कार्यवाहक प्रभार पर इस माह की शुरुआत में पीएचक्यू ने रोक लगा दी थी। अब एक दशक बाद रेगुलर प्रमोशन होने पर कार्यवाहक पद पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे।
    प्रमोशन के साथ नई पदस्थापना भी, कैविएट लगाने की भी तैयारी
    पुलिस महकमे में सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोशन के साथ ही इन सभी की नई पदस्थापना भी की जाएगी। इस पर भी मंथन जारी है। पीएचक्यू की तरफ से सबसे पहली सूची इंस्पेक्टर की ही जारी होगी। इधर, पुलिस विभाग में सबसे च्यादा प्रमोशन होने के कारण कई नाखुश या बगैर प्रमोशन के ही रिटायर हो चुके कर्मचारी इसके खिलाफ अदालत भी जा सकते हैं। ऐसे में पुलिस विभाग इस संबंध में हाईकोर्ट की जबलपुर स्थित मुख्यपीठ के साथ ही इंदौर और ग्वालियर खंडपीठ में कैविएट भी दाखिल करने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल पुलिसकर्मियों को प्रमोशन ऑर्डर जारी होने का इंतजार है, ताकि उन्हें यह पता चल सके कि उन्हें किस तारीख से प्रमोशन का लाभ दिया जाएगा।

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