सतगढ़ी बनेगा मध्य प्रदेश का नया औद्योगिक और कारोबारी हब

सतगढ़ी
  • प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर और स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क तैयार, 15 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल जल्द ही देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाने जा रही है। शहर से लगे सतगढ़ी क्षेत्र में प्रदेश का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर तथा स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसे प्रदेश के भविष्य के निवेश, उद्योग, रोजगार और वैश्विक व्यापारिक आयोजनों का नया केंद्र बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने परियोजना की तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को इसका भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम में देश के कई प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के शामिल होने की संभावना है। सरकार का दावा है कि यह परियोजना भोपाल को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एमआईसीई (मीटिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस एंड एग्जीबिशन) गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाएगी।
बड़े आयोजनों के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूसरे शहर
अब तक भोपाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े व्यापारिक आयोजन कराने के लिए पर्याप्त आधुनिक अधोसंरचना उपलब्ध नहीं थी। बड़े सम्मेलन, निवेशक बैठकें और औद्योगिक प्रदर्शनियां आयोजित करने में स्थान और सुविधाओं की कमी महसूस की जाती थी। सतगढ़ी में बनने वाला कन्वेंशन सेंटर इस कमी को पूरी तरह दूर करेगा। यहां अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर, बिजनेस समिट, इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन, बायर-सेलर मीट, स्टार्टअप एक्सपो, निवेशक सम्मेलन और वैश्विक कारोबारी कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इससे राजधानी में होटल, पर्यटन, परिवहन, खानपान और सेवा क्षेत्र को भी बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की भी होगी मेजबानी
सरकार की योजना अगले वर्ष जनवरी में प्रस्तावित जीआईएस के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन भी इसी क्षेत्र में करने की है। इससे प्रदेश में निवेश आकर्षित करने की मुहिम को नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक कन्वेंशन सेंटर बनने से भोपाल उन शहरों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां बड़े औद्योगिक और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नियमित रूप से आयोजित किए जा सकते हैं।
70 हेक्टेयर में विकसित होगा स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क
कन्वेंशन सेंटर के साथ लगभग 70 हेक्टेयर क्षेत्र में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भी विकसित किया जाएगा। यहां विशेष रूप से टेक्सटाइल, गारमेंट, खिलौना निर्माण और अन्य आधुनिक उद्योगों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एमपीआईडीसी के अनुसार इस परियोजना से लगभग 15 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। उद्योगों के संचालन के साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा, होटल, खानपान और अन्य सेवा क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
स्मार्ट तकनीक से लैस होगा पूरा परिसर
सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। पूरे परिसर में डिजिटल और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रमुख सुविधाओं में शामिल होंगे-24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, स्काडा आधारित 24 घंटे जल प्रबंधन प्रणाली, 2 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र, 0.5 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, ऑटोमेटेड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क, ईवी चार्जिंग स्टेशन, सीसीटीवी आधारित सुरक्षा व्यवस्था, बूम बैरियर एवं एक्सेस कंट्रोल, हाई-मास्ट एलईडी लाइटिंग, आधुनिक फायर स्टेशन, भूमिगत केबल डक्ट एवं यूटिलिटी कॉरिडोर और बेहतर कनेक्टिविटी होगी सबसे बड़ी ताकत परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रणनीतिक लोकेशन मानी जा रही है। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क राजाभोज एयरपोर्ट से लगभग 25 किलोमीटर तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। बेहतर आवागमन सुनिश्चित करने के लिए नई सडक़ें भी विकसित की जा रही हैं, जिससे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
वर्क-लिव-ग्रो मॉडल पर होगा विकास
एमपीआईडीसी ने इस पूरे प्रोजेक्ट को पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्र की बजाय आधुनिक वर्क-लिव-ग्रो अवधारणा पर डिजाइन किया है। इसके तहत उद्योगों के साथ कर्मचारियों और उद्यमियों के रहने, व्यापार करने और जीवनयापन की सुविधाएं भी एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इसके लिए पूरे क्षेत्र को विभिन्न जोन में विकसित किया जाएगा, जिनमें औद्योगिक क्षेत्र, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, लॉजिस्टिक्स हब, रेसिडेंशियल सपोर्ट एरिया, हरित क्षेत्र, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र और डिजाइन और नवाचार केंद्र शामिल होंगे।

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