
- 500 करोड़ के जमीन विवाद पर कानूनी पलटवार
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। उज्जैन की कथित 500 करोड़ रुपए मूल्य की सरकारी जमीन को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी मोड़ लेता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी की ओर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है। नोटिस वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश मेहता के माध्यम से जारी किया गया है। भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश मेहता ने कहा कि दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि उज्जैन की सरकारी भूमि को श्रीराम तिवारी से जुड़े एक निजी ट्रस्ट को बेहद कम कीमत पर आवंटित किया गया। उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह असत्य, भ्रामक और तथ्यों से परे हैं।
झूठे आरोपों से प्रतिष्ठा को पहुंची क्षति
मेहता ने कहा कि बिना किसी तथ्य के लगाए गए आरोपों से श्रीराम तिवारी की व्यक्तिगत, सामाजिक और सार्वजनिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है। इसी कारण उनकी ओर से जीतू पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है।
वीर भारत न्यास निजी नहीं, सरकार द्वारा गठित सार्वजनिक न्यास
हरीश मेहता ने कहा कि वीर भारत न्यास को निजी ट्रस्ट बताना पूरी तरह तथ्यहीन है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2013 में मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा वीर भारत न्यास की स्थापना एक सार्वजनिक उद्देश्य के लिए की गई थी। यह शासन द्वारा गठित सार्वजनिक न्यास है, जिसका संचालन वैधानिक प्रावधानों और सरकारी नियमों के अनुसार होता है। ऐसे में इसे निजी संस्था बताकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की गई।
माफी नहीं तो होगी कानूनी कार्रवाई
नोटिस में जीतू पटवारी से सार्वजनिक रूप से अपने आरोप वापस लेने, माफी मांगने अथवा लिखित स्पष्टीकरण देने की मांग की गई है। यदि निर्धारित समय सीमा में ऐसा नहीं किया जाता है तो सक्षम न्यायालय में मानहानि का दावा सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रेस वार्ता में अधिवक्ता गुंजन चौकसे ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाने का अधिकार सभी को है, लेकिन तथ्यों के बिना किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी इस मामले में जीतू पटवारी के आरोपों का खंडन कर चुके हैं।
क्या है मामला..?
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि उज्जैन स्थित करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी से जुड़े एक ट्रस्ट को बेहद कम कीमत पर आवंटित की गई। श्रीराम तिवारी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना है।
