
- 440 मेगावाट मुरैना परियोजना का पीपीए, सस्ती बिजली और आधुनिक बैटरी स्टोरेज से ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए 440 मेगावाट क्षमता वाली मुरैना सोलर प्लस बैटरी स्टोरेज परियोजना के लिए विद्युत खरीद समझौते (पावर परचेज एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी की मौजूदगी में सोमवार को भोपाल में यह समझौता हुआ। सरकार का दावा है कि यह परियोजना प्रदेश को सस्ती, स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए 2.70 रुपये प्रति यूनिट की प्रतिस्पर्धी दर प्राप्त हुई है, जो इस श्रेणी की परियोजनाओं में देश की सबसे कम दरों में शामिल है। इससे प्रदेश को कम लागत पर स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध होगी और बिजली व्यवस्था अधिक सुदृढ़ बनेगी।
बैटरी स्टोरेज तकनीक बनेगी सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका आधुनिक बैटरी ऊर्जा भंडारण मॉडल है। इसमें एक ही बैटरी का प्रतिदिन दो बार उपयोग किया जा सकेगा, जिससे सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग संभव होगा और जरूरत के समय बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के विकास के साथ ऊर्जा उत्पादन के नए विकल्प सामने आए हैं। सौर ऊर्जा, पंप स्टोरेज, बैटरी स्टोरेज, जलविद्युत और तापीय ऊर्जा के संतुलित उपयोग से भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। मुरैना परियोजना इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
नवीकरणीय ऊर्जा में सबसे तेज बढ़ रहा मध्यप्रदेश
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि देश के सभी राज्य हरित ऊर्जा की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना रहा है और मध्यप्रदेश इस अभियान में अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश लगातार अपने ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए ऊर्जा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
सरकारी भवन होंगे सोलराइज्ड
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदेश के सभी सरकारी भवनों को चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा से जोडऩे का आग्रह किया है। लक्ष्य अगले एक वर्ष में अधिकतम सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम स्थापित कर बिजली खर्च कम करना और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है।
लाड़ली बहनों से सीएम की चुनावी अपील
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में हर महीने सहायता राशि भेजी जा रही है, लेकिन कांग्रेस इस योजना पर लगातार सवाल उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहनें कांग्रेस के इन बयानों को याद रखें और चुनाव के समय अपनी उंगली से ऐसा सुदर्शन चक्र चलाएं कि कांग्रेस का पूरी तरह सफाया हो जाए। उन्होंने दावा किया कि देश और प्रदेश में कांग्रेस लगातार कमजोर होती जा रही है।
