केंद्र सरकार में बढ़ सकता है एमपी के मंत्रियों का कोटा

केंद्र सरकार
  • संध्या, तरूण समेत हिमाद्री के नामों की चर्चा

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मोदी कैबिनेट के संभावित विस्तार में मध्यप्रदेश की सियासत फिर सुर्खियों में है। मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी तेजी से चल रही है। माना जा रहा है कि इस बार के विस्तार में प्रदेश से मंत्रियों का कोटा और बढ़ सकता है। जिन नेताओं के मंत्री बनने की संभावना है उनमें भिंड से दूसरी बार सांसद संध्या राय, प्रदेश से राज्यसभा भेजे गए पार्टी के महासचिव तरूण चुग का नाम सुर्खियों में है। इस फेरबदल में प्रदेश से तीन-चार नए चेहरों को जगह मिल सकती है। इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार के पहले ही प्रदेश से राज्यसभा सांसद और केन्द्र सरकार में पशुपालन डेयरी एवं फिशरीज मंत्रालय में राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन ने इस्तीफा दे दिया है। वर्तमान में मध्य प्रदेश से 5 लोकसभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद मोदी कैबिनेट में मंत्री हैं। इनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज सिंह चौहान और डॉ. वीरेन्द्र कुमार कैबिनेट मंत्री हैं। सावित्री ठाकुर, दुर्गादास उईके राज्यमंत्री हैं। एमपी से राज्यसभा सांसद एल मुरुगन भी केन्द्र में राज्यमंत्री हैं। इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, सतना से सांसद गणेश सिंह और आदिवासी नेत्री हिमाद्री सिंह का नाम भी राजनीतिक वीथिकाओं में चर्चा में है। संध्या राय जाटव समाज से आती हैं। अगले साल फरवरी-मार्च में उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने हैं। भिंड संसदीय क्षेत्र यूपी-एमपी के बॉर्डर पर है। ऐसे में संध्या राय को यूपी के जाटव वोटर्स को बीजेपी की तरफ मोडऩे के लिए चुनावी कैम्पेन में जिम्मेदारी दी जा सकती है।
आदिवासी चेहरे बदले तो हिमाद्री, गजेन्द्र को मिल सकता है मौका
यदि मोदी कैबिनेट में मप्र के मंत्रियों की भूमिका बदली गई तो मौजूदा महिला बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर की जगह शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। हिमाद्री के परिवार का विंध्य और आदिवासी अंचल में बड़ा प्रभाव रहा है। हिमाद्री के पिता दलवीर सिंह कांग्रेस से सांसद और केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं। उनकी मां राजेश नंदिनी सिंह भी दो बार कांग्रेस से सांसद रह चुकी हैं। दूसरी तरफ दुर्गादास उईके की जगह यदि नए आदिवासी चेहरे को मौका दिया गया तो खरगोन सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल को राज्यमंत्री बनाया जा सकता है। गजेन्द्र दूसरी बार के सांसद हैं और भाजपा के संगठन में लंबे समय से काम कर रहे हैं।
वीडी शर्मा और गणेश सिंह भी दावेदारों में शामिल
खजुराहो से सांसद और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में लंबे समय तक काम करने के बाद बीजेपी में प्रदेश महामंत्री और प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें केन्द्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने पर मंथन चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक वीडी की नई भूमिका पर दो तरह की चर्चाएं हैं। पहली नितिन नबीन की टीम में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाया जा सकता है या केन्द्रीय कैबिनेट में मंत्री की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं सतना से पांच बार के सांसद गणेश सिंह का नाम भी मंत्री बनने वालों की कतार में शामिल हैं।
जुलाई में होगा बड़ा फेरबदल
एमपी के राज्यपाल मंगू भाई पटेल का कार्यकाल 7 जुलाई को खत्म हो रहा है। ऐसे में उनकी जगह एमपी को नया राज्यपाल मिलेगा। यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल तो जुलाई 2019 से राज्यपाल हैं। वे यूपी के पहले मप्र की राज्यपाल थीं। गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई और हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय का कार्यकाल अगले महीने 15 जुलाई को खत्म हो रहा है। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का कार्यकाल 15 सितंबर को खत्म हो रहा है। गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत भी 22 जुलाई 2019 से राज्यपाल हैं। इससे पहले वे हरियाणा के राज्यपाल भी रह चुके हैं। जुलाई में मप्र सहित चार-पांच राज्यों के गवर्नर बदले जाएंगे।

Related Articles